भोपाल के डीएसपी की याचिका पर आदेश
जबलपुर। 28 साल पुराने आपराधिक मामले में पुलिस अधिकारी के प्रमोशन को रोके जाने को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने अनुचित माना है। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता पुलिस अधिकारी की सीलबंद लिफाफे में बंद डीपीसी को खोलकर अनुशंसा के तहत प्रमोशन देने पर विचार करें। कोर्ट ने कहा कि यह प्रमोशन आपराधिक प्रकरण के अंतिम फैसले से बाध्य होगा। न्यायालय ने यह पूरी प्रक्रिया 60 दिन में करने के निर्देश दिए हैं।
1996 में दर्ज हुआ था आपराधिक प्रकरण
याचिका पुलिस मुख्यालय भोपाल में पदस्थ डीएसपी विजय कुमार पुंज की ओर से दायर की गई थी। जिनके अधिवक्ता ने पक्ष रखते हुए बताया कि याचिकाकर्ता जब हबीबगंज पुलिस थाने में पदस्थ थे, तब एक आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ था। याचिकाकर्ता समेत पुलिस का एक दल उत्तर प्रदेश के जौनपुर गया था। वहां के एक असामाजिक तत्व ने याचिकाकर्ता के खिलाफ उत्तर प्रदेश के पुलिस थाने में एक प्रकरण दर्ज कराया था। यह प्रकरण 1996 में दर्ज हुआ था और अभी लंबित है। इस बीच याचिकाकर्ता के प्रमोशन के लिए डीपीसी हुई। डीपीसी में याचिकाकर्ता को प्रमोशन देने की अनुशंसा की गई, लेकिन आपराधिक प्रकरण के कारण अनुशंसा सीलबंद लिफाफे में बंद रखी गई।