मप्र में यहां रखी जाती हैं सबसे सुन्दर होलिका, वीडियो में देखिए
जबलपुर. संस्कारधानी में होली के पर्व पर उत्साह के रंग दिखने लगे हैं। मूर्तिकारों के अनुसार इस बार शहर में एक हजार से अधिक होलिका प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। प्रतिमाओं की थीम अलग-अलग रखी गई हैं, नवाचार नजर आ रहे हैं। कुछ प्रतिमाओं को फिल्मों से, कुछ को राजनीति से व कुछ सामाजिक सरोकारों से प्रेरित नजरिये से सृजित किया जा रहा है। होलिका समितियों की मांग पर यह सृजन हो रहा है। प्रतिमाओं पर रंग भरकर इन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है।
हजार स्थानों पर होलिका दहन, मूतिकार मूर्तियों को दे रहे अंतिम रूप
होलिका प्रतिमाओं में नवाचार, झलक रहा फिल्म-राजनीति और सामाजिक सरोकार
शहर भर में उत्साह
संस्कारधानी में जगह-जगह होलिका प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। होली समितियों की मांग पर होलिका प्रतिमाओं के जरिये सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। उपनगरीय क्षेत्र गढ़ा से लेकर अधारताल, रांझी व सदर तक सड़क किनारे और गली-मोहल्लों में बच्चे व युवा होलिका दहन के पूर्व उत्साहपूर्वक तैयारी में जुटे हैं।
मूर्तिकारों के यहां होलिका प्रतिमाओं के हाथ में भक्तराज प्रहलाद नजर आ रहे हैं। मूर्तिकार कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। बयाना लेकर प्रतिमाएं संबंधित पते पर पहुंचाई जाएंगी। मूर्तिकार सोनू प्रजापित ने बताया कि इस बार प्रतिमाओं की बुकिंग अधिक हुई है।
कॉलोनियों में कम
नई कॉलोनियों की तुलना में शहर के पुराने इलाकों में अधिक जगह होलिका जलाई जा रही हैं। सम्भवत: नई कॉलोनियों में मेल-मिलाप का कम होना इसकी वजह हो। स्कीम नम्बर 41 निवासी पीके शर्मा कहते हैं कि उनकी कॉलोनी में लोग होलिका दहन नहीं करते। उन्हें होलिका दहन में पूजन के लिए दूर एकता चौक जाना पड़ता है।
ऊंची-ऊंची प्रतिमाएं
कई इलाकों में इस बार होलिका की ऊंची-ऊंची प्रतिमाएं स्थापित होंगी। रामपुर होली उत्सव समिति के सदस्यों ने बताया कि जिंदगी में यदि त्योहार नहीं है तो जिंदगी जीने का कोई मतलब नहीं है। धीरे-धीरे त्योहारों की मस्ती घटती जा रही है। इसलिए उन्होंने इस बार होलिका की ऊंची प्रतिमा स्थापित करने का विचार किया है, ताकि लोग उसे देखें और खूब मस्ती से त्योहार मनाएं। आमनपुर होली समिति के खूबचंद कोरी बताते हैं कि इस बार होली पर दहेज विरोधी सामाजिक संदेश देते हुए प्रतिमा बनवाई जा रही है।