जबलपुर समेत सभाग के कुछ जिलों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार दो दिन तक मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है। इसके बाद ठंड का प्रकोप कुछ कम हो सकता है।
Jabalpur Weather Forecast : शहर सहित सभाग के अन्य जिले गलन वाली शीत लहर की चपेट में हैं। इस बार दिसंबर जनवरी से ज्यादा ठंडा है। सोमवार रात न्यूनतम तापमान स्थिर रहा, लेकिन सर्द हवा से ठिठुरन हुई। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री दर्ज किया गया। आठ दिन से शीतलहर चल रही है। बुधवार को भी मौसम विभाग ने जबलपुर समेत सभाग के कुछ जिलों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार दो दिन तक मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है। इसके बाद ठंड का प्रकोप कुछ कम हो सकता है।
सोमवार रात न्यूनतम तापमान स्थिर रहा। यह पांच डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री कम था। बर्फ़ीली उत्तरी हवा से गलाने वाली ठंड ने कंपकंपा दिया। रात में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, दिन में धूप के चलते अधिकतम तापमान में हल्की बढ़त हुई। यह 25.1 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य था।
मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अतिरिक्त उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम सक्रिय है। यह ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर के मैदानी इलाकों से ठंडी हवा व पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा यहां आती है, तो उस वक्त तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण हो रहा है। अधिकतर दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में इतनी ठंड होती थी। लेकिन, इस बार पहला पखवाड़ा ही असर दिखा गया। दो दिन तक तापमान ऐसा ही रहने की सभावना है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है।
छात्रों का कहना है कि कुछ जिलो में परीक्षा केंद्र सीमित हैं। इस कारण दूर दराज से आने वाले छात्रों को जल्दी निकलना पड़ता है। सुबह कोहरा होने के कारण आने में दिक्कत होती है। पेपर देते समय हाथों की उंगलियां काम नहीं करती है। मंडला जिले के भुआ बिछिया केंद्र व शहपुरा के डिग्री कॉलेज परीक्षा देने आने वाले छात्रों ने इसकी शिकायत परीक्षा केंद्राध्यक्ष से की है।
परीक्षा के लिए जबलपुर के साथ डिंडौरी, मंडला, कटनी, नरसिंहपुर में 20 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों में आधा सैकडा कॉलेजों के छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। छात्रों की मांग है कि परीक्षाओं का समय सुबह 9 बजे से किया जाए। इससे छात्रों को राहत मिलेगी।