जबलपुर

इन डॉक्टरों की जिद से मरीजों मुसीबत, मौत के मुहाने पर नहीं मिल रहा इलाज

इन डॉक्टरों की जिद से मरीजों मुसीबत, मौत के मुहाने पर नहीं मिल रहा इलाज  

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Jul 28, 2018
junior doctor strike in mp

जबलपुर. नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज प्रशासन के नोटिस के बाद जूनियर्स डॉक्टर्स ने शुक्रवार को हॉस्टल छोड़ दिया। कॉलेज के तीनों पीजी हॉस्टल शाम तक खाली हो गए। जानकारी के अनुसार कॉलेज प्रशासन की सख्ती के बाद पीजी छात्रों ने भी हॉस्टल के रूम खाली कर दिए, लेकिन हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया। लगातार पांचवें दिन जूडॉ के हड़ताल पर रहने का असर अब मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं पर पडऩे लगा है। शुक्रवार को ओपीडी में पंजीकृत मरीजों की संख्या औसत से तकरीबन आधी रही। जूडॉ के नहीं होने से रूटीन सर्जरी की वेटिंग एक सप्ताह में 150 को पार कर गई। इमरजेंसी के अलावा रुटीन उपचार में भर्ती मरीजों को परेशानी हो रही है।

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सरकार की सख्ती, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी काम पर नहीं लौट रहे जूडॉ, मरीज परेशान
मेडिकल कॉलेज के तीनों पीजी हॉस्टल खाली, ओपीडी में भी कम हुए मरीज

बर्खास्त नर्सें बहाल : मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शुक्रवार को एक नाटकीय घटनाक्रम में स्वशासी नर्सेस एसोसिएशन की बर्खास्त चार पदाधिकारियों को बहाल करने के निर्देश जारी किए। इसके फौरन बाद नर्सेस ने आमद दर्ज कराई। इसमें एसोसिशन की जिला अध्यक्ष लक्ष्मी झारिया सहित मंजू त्रिपाठी, सुनीला ईशादीन, बसंती नेताम शामिल है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से नरसिंहपुर से रिलीव किए गए दो और जबलपुर के एक डॉक्टर ने शुक्रवार को कॉलेज में उपस्थिति दर्ज कराई।

इसलिए पड़ रहा फर्क
फस्र्ट इयर में जूडॉ की जिम्मेदारी अस्पताल के वार्ड में होती है। महीने में सिर्फ एक दिन अवकाश मिलता है। इन जूडॉ पर चौबीस घंटे मरीजों की देखरेख की जिम्मेदारी होती है।
सेकंड इयर के जूडॉ सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी में मरीजों की जांच करते है। इसके बाद वार्ड में मरीजों को भर्ती कराने समेत रूटीन चेकअप करते है। इमरजेंसी में रात में भी इन्हें अस्पताल में मरीजों को देखने के लिए कॉल किया जाता है। थर्ड इयर के जूडॉ सुबह से दोपहर तक ओपीडी में मरीजों की जांच करते हैं। ऑपरेशन के लिए मरीजों को चिह्नित करने के साथ ही सर्जरी से पहले की तैयारी भी जूडॉ करते है। कंसल्टेंट सुबह 11 से 2 बजे के बीच रहते हैं।

ये है स्थिति
624 मरीजों का ओपीडी में पंजीयन
48 मरीज भर्ती
05 मेजर ऑपरेशन
200 मरीजों के रक्त की सेंट्रल लैब में जांच
128 जांच सभी प्रकार की
220 जूनियर डॉक्टर
100 के करीब हॉस्टल में
120 जूडॉ कैम्पस से बाहर
03 हॉस्टल (पीजी)
04 डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग से

Published on:
28 Jul 2018 09:05 am
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