#Education महाकौशल बनेगा पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, कॉमर्स के बाद विज्ञान की होगी पढाई
जबलपुर. प्रदेश के कुछ चुनिंदा कॉलेजों में उच्च स्तरीय शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना में महाकौशल कॉलेज का चयन किया गया है। यहां अब कला व वाणिज्य के अतिरिक्त अन्य संकाय के छात्रों को भी पढ़ाई का मौका मिलेगा। पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में जबलपुर संभाग के सात कॉलेजों को एक्सीलेंस बनाने के लिए चयनित किया गया है। इन कॉलेजों में शिक्षण सुविधाओं के विस्तार करने सभी सभी स्ट्रीम की पढ़ाई कराने की पहल होगी।
1836 में खुला था महाकौशल कॉलेज
ड्रीम प्रोजेक्ट में संभाग के हर जिले से एक कॉलेज का चयन
सभी विषयों की भी पढ़ाई के लिए नए संकाय खुलेंगे
महाकौशल कॉलेज प्रदेश के सबसे पुराने कॉलेजों में हैं। 1836 में रॉबर्टसन कॉलेज के रूप में इसे स्थापित किया गया था। यहां से पढकऱ कई शख्सियत निकली हैं जिसमें ओशो रजनीश से लेकर नेता, अभिनेता तक शामिल हैं। वर्तमान में करीब चार हजार छात्र अध्ययनरत हैं।
हर विषय की होगी पढ़ाई
पीएम कॉलेज आफ एक्सीलेंस में छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लास, स्पोर्ट्स फैसिलिटी के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, योग, संगीत सहित विभिन्न विषयों को शुरू किया जाएगा। इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा। स्टॉफ की भी व्यवस्था की जाएगी।
इनको मिलेगा फायदा
शा.ऑटोनॉमस महाकोशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय जबलपुर, पीजी कॉलेज नरसिंहपुर, पीजी कॉलेज छिंदवाड़ा, स्नातकोत्तर कॉलेज मंडला, तिलक कॉलेज कटनी, पीजी कॉलेज बालाघाट एवं शा. स्नातकोत्तर कॉलेज सिवनी
योग्यता के अनुसार रोजगार की पहल
पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में मुख्य फोकस छात्रों को शिक्षा के साथ रोजगार से जोडऩे का होगा। इसके लिए ट्रेनिंग सेंटर खोलकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। इन छात्रों के लिए प्लेसमेंट सेल काम करेगी।
पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस प्रोजेक्ट के रूप में कॉलेज का चयन किया गया है। इसका उदद्देश्य छात्र का समग्र विकास करना है। साथ ही उन्हें पैरों पर खड़ा करना है।
- डॉ.एसी तिवारी, प्राचार्य शा महाकोशल कॉलेज