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जबलपुर क्रूज हादसे में बड़ा खुलासा, 2 महीने पहले लिखा पत्र वायरल, अफसरों की खोली पोल!

MP News: जबलपुर क्रूज हादसे से दो महीने पहले एमपी टूरिज्म के अंतर्गत आने वाले मैकल रिसोर्ट द्वारा शासन को लिखा एक पत्र वायरल हो रहा है। इस पत्र में क्रूज बोट के इंजन को लेकर बड़े खुलासे किए गए है।

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Jabalpur cruise accident Letter written two months ago viral MP News

Letter viral regarding Jabalpur cruise accident (फोटो-Patrika.com)

Jabalpur cruise accident: 13 लोगों की जान लेने वाले जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। हादसे से करीब दो महीने पहले लिखा एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पत्र में खुलासा किया गया कि क्रूज पानी में उतारने के लायक नहीं लेकिन फिर भी उसे उतारा गया। पत्र में लिखा गया है कि क्रूज का इंजन भी सीज था जिसकी जानकारी पहले से अधिकारियों को थी। वायरल पत्र ने एक बार फिर प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर हलचल मचा दी है। बता दें कि, इस पत्र को एमपी टूरिज्म के मैकल रिसोर्ट की तरफ से क्षेत्रीय प्रबंधक म.प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर को 1 मार्च 2026 को लिखा है। (MP News)

इंजन खराब था, पानी में उतारने लायक नहीं था- वायरल पत्र में दावा

वायरल पत्र का विषय लिखा है- इकाई में उपलब्ध क्रूज बोटों के सुधार कार्य बाबत। इसका अर्थ ये ये है कि पत्र को क्रूज बोटों के सुधार कार्यों को लेकर ये लेटर लिखा गया है। पत्र में आगे बताया गया कि इकाई में 2 कूज उपलब्ध है जिसमें से मैकल सुता कूज साल 2006 में आया था, जिसे लगभग 20 साल हो गये है एवं दूसरा क्रूज रेवा साल 2007 में आया था, जिसे लगभग 19 साल हो गये है। पत्र में आगे खुलासा किया गया कि दोनों कूज के इंजन में कई बार सुधार कार्य हो चुका है लेकिन अब यह बार-बार खराब होते है। जिस संबंध में अनेकों बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है।

हादसे से 3 महीने पहले बताया- क्रूज के इंजन खराब थे, बदलना जरूरी

पत्र में आगे बताया गया कि रेवा कूज बोट के 14 जनवरी 2025 को राउंड के दौरान दोंनों इंजन सीज हो गये थे। इस पर मेसर्स हैदराबाद बोट बिल्डर ने मेल कर बताया था कि इंजन काफी पुराने हो गये है। इसके अलावा इनके स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं हो पा रहे है जिस कारण दोनों इंजनों को बदले जाने की जरुरत है। पत्र में दूसरे क्रूज के बारे में बताया गया कि दूसरा कूज मैकल सुता चालू हालत में है लेकिन इसका भी एक इंजन ठीक तरह से लोड नहीं रहा है। इस कारण कूज को किनारे लगाने में एवं राउण्ड पर निकालते समय काफी कठिनाई होती है। कभी-कभी तेज हवाओं या लहरों के चलते स्पीड बोट का सहारा लेकर निकालना और छोर पर लगाना पड़ता है। इसके अलावा क्रूज का दूसरा इंजन जो अच्छे से लोड लेता है वह कई बार स्टार्ट होने में समस्या करता है। इसके सेल्फ की गरारी चढ़ आती है और कूज बोट की सेवाए बंद करनी पड़ती है। इस कारण पर्यटकों द्वारा नाराजगी व्यक्त की जाती है।

दो महीने पहले किया था सतर्क

पत्र में आगे आग्रह किया गया कि वर्तमान में एक ही कूज मैकल सुता संचालित है जिसके इंजन को रिपेयर कराया जाना बेहद जरूरी है नहीं अन्यथा की स्थिति में कूज चालन किसी भी समय बंद करना पड़ सकता है। इस परता आगे ये भी सचेत किया गया कि टूरिस्ट सीजन शुरू होने से पहले इंजन बदला जाए जिससे इकाई को वर्तमान में हो रही वित्तीय हानि की पूर्ति पर्यटक सीजन में की जा सके।

क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत

बता दें कि 30 अप्रैल को शाम को बरगी डैम में आंधी-तूफान के बीच क्रूज डूबने की भयावह घटना हुई थी। इस घटना में 13 लोगों की मौत हुई है जिनमें 4 बच्चे और 8 महिलाएं व एक पुरुष शामिल हैं। इधर जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में शुक्रवार को एक और याचिका दायर की गई है। जबलपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी की ओर से दायर की गई इस याचिका में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पक्षकार बनाते हुए एसआईटी जांच की मांग की गई है। (MP News)