कार्यपरिषद की बैठक में प्रस्ताव पास, शासन को भेजा जाएगा मिनट्स
जबलपुर. मप्र मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना के सात साल बाद भी शासन स्तर से न तो बिल्डिंग की नींव डाली गई, न ही अधिकारी-कर्मचारियों की भर्ती हुई। प्रदेश में एमयू से सम्बद्ध कॉलेजों की संख्या बढ़कर ३१२ हो गई है। इसलिए मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने फंड से प्रशासकीय भवन बनाने और संविदा नियुक्ति से खाली पदों को भरने का निर्णय किया है। हालांकि शासन ने अगले वित्तीय बजट में बजट का प्रावधान करने का आश्वासन दिया है।
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित मरचुरी बिल्डिंग में मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी का संचालन हो रहा है। एमयू की कार्यपरिषद ने प्रस्ताव पारित किया है कि मेडिकल यूनिवर्सिटी अपने फंड के २० करोड़ रुपए से बिल्डिंग निर्माण की शुरुआत करेगी। इस प्रस्ताव के मिनट्स शासन को भेजे जा रहे हैं। जल्द ही पीआईयू के माध्यम से प्रशासकीय भवन का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
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प्रतिनियुक्ति और संविदा से भरे जाएंगे पद
मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन प्रतिनियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर रहा है। प्रतिनियुक्ति से जो पद नहीं भरेंगे, उनके लिए संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बताया गया कि अधिकारी-कर्मचारी पद के लिए ६० से ६४ वर्ष के बीच के सेवानिवृत्त लोगों की नियुक्ति की जाएगी। हाल ही में सेवानिवृत्त हुए लोगों की संविदा नियुक्ति एक वर्ष के लिए की जाएगी।
मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद ने २० करोड़ रुपए से प्रशासनिक भवन का निर्माण शुरू करने का प्रस्ताव पास किया है। शासन को मिनट्स भेजे जा रहे हैं। हालांकि शासन ने अगले वित्तीय वर्ष में बजट देने का आश्वासन दिया है। प्रतिनियुक्ति और संविदा नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा।
- डॉ. आरएस शर्मा, कुलपति, मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी
यह है स्थिति
मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना : ०६.०५.२०११
कार्य संचालन : सत्र २०१४-१५
अधिकारी-कर्मचारी पदस्थापना : २७५
कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी : ६९
एमयू से सम्बद्ध कॉलेज : ३१२
नामांकित छात्र-छात्राएं : ३९१४२
बालसागर के पास भवन के लिए भूमि : ५२ एकड़