जबलपुर

मानसून की बेरुखी: प्रदेश में यहां बने सूखे के हालात, अलर्ट जारी

मानसून की बेरुखी: प्रदेश में यहां बने सूखे के हालात, अलर्ट जारी

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Jul 10, 2018
Satna Nagar Nigam Ward No. 45 news in hindi

जबलपुर। यहां जुलाई के पहले हफ्ते तक पिछले आठ वर्षों में सबसे कम बारिश हुई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार लो प्रेशर के कमजोर सिस्टम के कारण बारिश नहीं हो रही है। पूर्वी मप्र में बारिश का पूर्वानमान हर दिन गलत साबित हो रहा है। पहले मानसून जल्दी आने की उम्मीद थी, लेकिन अरब सागर की ओर से आने वाला मानसून गोंदिया और बंगाल की खाड़ी से आने वाला मानसून दुर्ग में अटक गया है।

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कम दबाव के कमजोर सिस्टम से टल रही अच्छी बारिश
बीते आठ वर्षों में बारिश अपने सबसे न्यूनतम स्तर पर, जुलाई में सूखे जैसे हालात

27 जून को पूरे प्रदेश में मानसून पहुंचने की घोषणा हुई लेकिन मानसून की द्रोणिका उत्तर भारत की ओर शिफ्ट हो गई है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक सहायक डीएस घाटे ने बताया कि बारिश का सिस्टम बना है लेकिन कमजोर होने के कारण ज्यादा देर बारिश नहीं हो पा रही है। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनीष भान ने बताया कि पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण सोयाबीन और धान की फसल को नुकसान हो रहा है।

सोमवार को दस मिमी हुई बारिश
शहर में सोमवार को 10 मिमी बारिश रेकॉर्ड की गई। बादल बिन बरसे ही उड़ रहे हैं। दिन में हल्की धूप निकली और लोग गर्मी और उमस से परेशान रहे। शाम 4 बजे बारिश हुई। अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री अधिक 35.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह की आद्र्रता 80 और शाम की आद्र्रता 97 प्रतिशत रही।

मंगलवार को सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। हवाएं ठंडी चल रही हैं, किंतु उसम बरकरार है। दोपहर तक बारिश होने की संभावना है। वहीं सूरज भी रह रहकर चमक रहा है। मौसम के इस बदलते मिजाज से लोग परेशान हो रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार स्थानीय बादलों से बारिश की उम्मीद बन रही है।

Published on:
10 Jul 2018 09:54 am
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