केमतानी ग्रुप का रिएल एस्टेड, ऑटोबाइल, फार्मा सहित कई क्षेत्रों में फैला है कारोबार
जबलपुर। फाइव स्टार होटल की निर्माणाधीन इमारत गिरने के मामले में कारोबारी महेश केमतानी और उसके पुत्र आशीष केमतानी पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। दो मजदूरों की मौत के बाद होटल की निर्माणाधीन भवन के ढहने के मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज करने के साथ ही होटल मालिक की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए है। बुधवार को पुलिस ने पिता-पुत्र को पकडऩे के लिए उनके घर, शोरूम, अस्पतात सहित कई जगहों पर छापेमारी की। लेकिन पिता और पुत्र को छापेमारी की भनक लग गइ। वे पुलिस के पहुंचने के पहले ही फरार हो गए।
इस मामले में तलाश
केमतानी गु्रप द्वारा तिलवारा थाने के सामने फाइव स्टार होटल बनाया जा रहा था। जिसका नाम कौशल्या ग्रेंड प्रस्तावित होने की बात कही जा रही है। इसकी निर्माणाधीन इमारत सोमवार को गिर गई। इसकी चपेट में आने के कारण दो मजदूरों की मौत हो गई थी, वहीं 23 अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में केमतानी ग्रुप के महेश केमतानी सहित उसके पुत्र और गिरने वाली इमारत के मालिक बताए जा रहे आशीष केमतानी सहित अन्य करीब छह लोगों को आरोपित बनाया है। जिसमें ठेकेदार संतोष शिवहरे और गुड्डू राय समेत तीनों आरोपितों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। वहीं, महेश और आशीष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
अस्पताल से गायब हो गया
पुलिस ने निर्माणाधीन भवन मालिक आशीष केमतानी और उसके पिता महेश केमतानी की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को कई स्थानों पर छापमारी की। बरगी सीएसपी दीपक मिश्रा और तिलवारा थाने की पुलिस टीम महेश केमतानी के घर और ऑफिस पहुंची, जहां आशीष का पता लगाया। इधर, होटल की इमारत गिरने के बाद महेश केमतानी गोलबाजार के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे। इस सूचना पर पुलिस बुधवार को अस्पताल पहुंची। लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही निजी अस्पताल में भर्ती महेश केमतानी भाग निकला।
आर्किटेक्ट नेमा, मिश्रा भी आरोपित
इधर पुलिस ने भवन से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन को पत्र लिखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एेसा माना जा रहा है कि गुरुवार तक यह पत्र संबंधित विभागों तक पहुंच जाएगा। जिसके बाद महेश केमतानी और उसके पुत्र आशीष केमतानी की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं। भवन गिरने के मामले में पुलिस ने इमारत के आर्किटेक्ट शैलेष नेमा समेत अभिनव को भी मामले में आरोपित बनाया है। इनकी भी तलाश की जा रही है।
अधिकारी का कहना है
बरगी सीएसपी दीपक मिश्रा के अनुसार मामले में निर्माणाधीन भवन के मालिक आशीष केमतानी और उसके पिता महेश केमतानी की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापामारी की गई। आर्किटेक्ट शैलेष नेमा व अभिनव मिश्रा को भी आरोपित बनाया गया है।