MP News: आरोपी पटवारी ने पत्नी की हत्या कर शव को बोरी में भरकर बांध में फेंक दिया था, बेटे के सामने वारदात को अंजाम दिया था।
MP News: मध्यप्रदेश के जबलपुर में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए राजस्व विभाग में पटवारी रहे रंजीत मार्को को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 19 महीने तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाते हुए रंजीत मार्को पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी रंजीत मार्को ने अपनी पत्नी की हत्या कर लाश को बोरी में भरकर बांध में ले जाकर फेंक दिया था। आरोपी ने अपने बेटे के सामने ही गला घोंटकर पत्नी को मौत के घाट उतारा था।
जबलपुर के कुंडम तहसील के चौरई गांव के रहने वाले 32 साल के रंजीत मार्को ने 22-23 अप्रैल 2024 की दरम्यानी रात पत्नी सरला मार्को की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। पत्नी को मौत के घाट उतारने के बाद उसने यूट्यूब से लाश को ठिकाने लगाने का तरीका ढूंढा और शव को बोरी में भरकर पत्थर से बांधकर गांव से करीब 5 किमी दूर सीतापुर डैम में ले जाकर फेंक दिया था। पत्नी सरला की लाश को ठिकाने लगाने के बाद आरोपी रंजीत खुद पुलिस थाने पहुंचा था और पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस सरला की तलाश में जुटी थी, इसी दौरान रंजीत शक के घेरे में आया। वह पत्नी को ढूंढने में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहा था। आम दिनों की तरह ऑफिस जाता था। ऐसा लग रहा था जैसे उसे बीवी के गुम होने का कोई अफसोस नहीं है। लिहाजा पुलिस ने पति रंजीत को पकड़कर जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया था।
रंजीत और सरला ने वारदात से करीब तीन साल पहले लॉकडाउन में शादी की थी। सरला और रंजीत की मुलाकात एक शादी में हुई थी और वहीं पर दोनों में प्यार हो गया। तब दोनों इंदौर में ही पढ़ते थे और दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ा तो उन्होंने शादी करने का फैसला लिया। क्योंकि दोनों एक ही समाज के थे, इसलिए परिवार वाले भी राजी हो गए और लॉकडाउन में दोनों की शादी करा दी गई। हत्या की वजह हैरान कर देने वाली थी। शादी के बाद शुरुआत में पति रंजीत जब भी कहीं बाहर कार्यक्रम में जाता था तो पत्नी सरला को साथ ले जाता था, लेकिन शादी के दो साल बाद जब सरला ने बेटे को जन्म दिया तो उसके बाद से रंजीत ने उसे अपने साथ बाहर ले जाना बंद कर दिया। दोनों के बीच इसी बात को लेकर अक्सर विवाद होते थे और वारदात की रात भी विवाद हुआ था।