
जबलपुर. देवी देवता के नाम पर ठगी का अनोखे कारनामे को अंजाम दिया शातिर जालसाजों ने। हालांकि इसकी जानकारी होते ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। साथ ही उनके पास से वो सारा माल भी बरामद कर लिया है।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार 13 फरवरी की सुबह 10.30 बजे निवाड़गंज गल्ला बाजार कोतवाली निवासी शकुंतला खंडेलवाल (80 वर्ष) चरहाई मंदिर दशर्न करने निकली थी। यूको बैंक के पास 25-30 की उम्र के दो युवक मिले। बोले कि वे हरिद्वार से आए हैं। उन्होंने वृद्धा से 10 रुपए की धूप भी खरीदवाया। इसके बाद जब महिला मंदिर जाने लगी तो वो बोले कि आपसे माता लक्ष्मी रूठी हुई हैं, गहने पहनकर मंदिर न जाएं। इस पर महिला उन जालसाजों के झांसे में आ गई और अपने सारे जेवर उतार कर थैला उन्हें ही सौंप दिया और खुद मंदिर में चली गईं। उधर महिला के आंखों से ओझल होते ही जालसाज जेवर भरा थैला लेकर मौके से रफूचक्कर हो गए। शंकुतला जब मंदिर से दर्शन-पूजन करके लौटी तो दोनों गायब थे। इसके बाद वह थाने गई और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।
पीड़ित महिला ने लार्डगंज पुलिस से घटना के संबंध में शिकायत की। उसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से संदेहियों की तलाश शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीन संदेही तीन पत्ती चौक के पास खड़े मिले। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उनकी पहचान हसनगंज लखनऊ (यूपी) निवासी सलमान, शहजाद, अशरफ के रूप में हुई।
तीनों ने पूछताछ में वृद्धा को झांसा दे कर जेवर से भरा थैला हासिल करने की बात कबूल कर ली। उन्होंने पुलिस को बताया कि अशरफ घटनास्थल के आसपास रेकी कर रहा था।
तीनों मानस भवन के पास चांदनी होटल में ठहरे थे। जालसाजों की निशानदेही पर पुलिस ने होटल में छिपाकर रखे सोने की एक चेन, दो चूड़ी, दो अंगूठी बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ जारी रखे है ताकि इस तरह की अन्य घटनाओं का पर्दाफाश हो सके।