नेशनल स्कूल लायब्रेरियन डे पर विशेष
जबलपुर। सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी भी अब स्मार्ट हो रही हैं। अब बच्चे ई-लाइब्रेरी कॉन्सेप्ट के तहत पढ़ाई करते हैं। वे अपनी आईडी से अपनी सुविधा के अनुसार लॉगिन कर रिफे्रंस बुक अथवा कोर्स मटेरियल चुनकर पढ़ाई करते हैं। यहां बात हो रही है शहर स्थित शासकीय जिलास्तरीय उत्कृष्ट पं. लज्जा शंकर झॉ मॉडल स्कूल की। यहां बच्चे मैनुअल किताबों की जगह डिजिटल फॉर्म में अध्ययन कर रहे हैं। स्कूल बंद होने की स्थिति में भी वे पढ़ाई कर सकते हैं। ऐसी व्यवस्था शहर के कुछ अन्य स्कूलों में भी है, वहीं कुछ ने वर्चुअल क्लास रूम को इसमें कन्वर्ट कर रखा है।
आईटी लैब है उपलब्ध
मॉडल स्कूल में नौवीं से बारहवीं तक के छात्र-छात्राएं सॉफ्टवेयर के माध्यम से अध्यापन कर रहे हैं। इसके लिए स्कूल में ही आईटी लैब बनी है।
9वीं से 12वीं कक्षा में करीब 1250 छात्र-छात्राएं हैं, जिसमें से करीब 900 छात्राओं के आईडी एवं पासवर्ड जनरेट किए गए हैं। लाइब्रेरी में विभिन्न विषयों की करीब 9000 किताबों का संग्रह है।
ये स्कूल भी नहीं पीछे
जानकारी के अनुसार विकास खंड स्तरीय शासकीय मॉडल स्कूल शहपुरा, मॉडल स्कूल कुंडम, शासकीय उत्कृष्ट सिहोरा, मॉडल स्कूल भमकी, महारानी लक्ष्मी बाई कन्या हायर सेकंडरी स्कूल, शासकीय रानी दुर्गावती कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल आदि में भी वर्चुअल क्लास के माध्यम से ऐसी पढ़ाई कराई जाती है। यहां लॉग बुक उपलब्ध है। जिले में 175 हायर सेकंडरी स्कूल हैं। इनमें करीब 100 स्कूलों में उम्दा लायब्रेरी है तो वहीं करीब 70 में कम्प्यूटर लैब की व्यवस्था है। अन्य स्कूलों के लिए भी कवायद की जा रही है।