केंद्रीय आयुष विभाग ने आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा के स्नातक पाठ्यक्रम के लिए कटऑफ घटाया
जबलपुर। नीट में 40 प्रतिशत अंक अर्जित करने वाले सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार आयुष कॉलेजों में प्रवेश के लिए पात्र होंगे। केंद्रीय आयुष विभाग ने स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए निर्धारित कटऑफ कम कर दिया है। इस निर्णय के बाद जबलपुर के भी आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश की चाह रखने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई की राह आसान हो गई है। नए आदेश के अनुसार आयुर्वेद, होम्योपैथी, सिद्धा एवं यूनानी कॉलेज में सत्र 2020-21 में स्नातक में नीट में 30 प्रतिशत अंक अर्जित करने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार भी काउंसिलिंग में शामिल हो सकेंगे। अनारक्षित दिव्यांग उम्मीदवार के 35 प्रतिशत अंक होने पर प्रवेश प्रक्रिया में सम्मिलित होने की पात्रता होगी। शहर में दो आयुष कॉलेज अभी काउंसिलिंग में शामिल हैं। इसमें एक सरकारी आयुर्वेद और एक निजी होम्योपैथी कॉलेज है।
इन पाठ्यक्रमों के लिए आदेश
बीएएमएस
बीएचएमएस
बीयूएमएस
बीएसएमएस
पहले 50 प्रतिशत अंक का प्रावधान था
आयुष कॉलेजों में सत्र 2020-21 में प्रवेश के लिए पहले अपनाई गई प्रक्रिया में सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार के लिए नीट में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अर्हता निर्धारित थी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 40 प्रतिशत अंक पर पात्रता थी। अनारक्षित दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवार 45 प्रतिशत अंक होने पर प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकते थे।