जनपद मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर दूर बसे गांव में सामने आई दर्दनाक तस्वीर
गोटेगांव/जबलपुर। प्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान दावा कर रहे हैं कि मध्य प्रदेश की की सडक़ें अमेरिका से बेहतर हैं, लेकिन गुरुवार को गोटेगांव विकासखंड के गांव सरेलू में एक ऐसा मामला सामने आया जो न केवल सरकार को आइना दिखाने वाला बल्कि दर्दनाक और शर्मशार करने वाला भी है। दरअसल आजादी ७० साल बाद भी इस गांव में सडक़ नहीं है। गुरुवार को एक वृद्धा की तबीयत बिगड़ी तो ग्रामीण उन्हें खाट पर लेटाकर खेतों और पगडंडी से दौड़ते हुए अस्पताल लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि कमोद से लेकर सरेलू तक सडक़ जैसी कोई चीज ही नहीं है। जनपद मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर दूर बसे सरेलू गांव में बिजली की भी उपयुक्त व्यवस्था नहीं है।
मुश्किल से काटी रात
सरेलू गांव निवासी भीकम चौधरी व राम सिंह चौधरी ने बताया कि बुधवार से उनकी मां सोना बाई (72 वर्ष) को पेट में दर्द की शिकायत हुई। उन्होंने जैसे-तैसे रात काटी और फिर गुरुवार सुबह मां को अस्पताल ले जाने की तैयारी, लेकिन सडक़ के हालात इतने बदतर थे कि उन्हें खाट का विकल्प चुनना पड़ा। पुत्रों तथा ग्रामीणों ने सोना बाई को खाट पर लेटाया और खेतों व दलदल भरी पगडंडी से लेकर उसे कमोद पहुंचे। कमोद मुख्य मार्ग से उन्हें वाहन पर गोटेगांव अस्पताल ले जाया गया, जहां सोना बाई का इलाज जारी है।
एक किमी दलदल
सोना बाई के पुत्र गणेश चौधरी ने बताया कि रहली ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले उनके गांव सरेलू की आबादी करीब 150 है। गांव से कमोद रोड करीब 1 किलोमीटर है और यहां से गोटेगांव करीब पांच किलोमीटर दूर है। सरेलू से लेकर कमोद तक सडक़ नहीं है। दो जगह की पुलिया तो वर्षों से टूटी हुई है। हर बार बारिश में यही स्थिति बनती है। यदि कोई बीमार हो जाए तो उसे खाट या मचान पर लादकर अस्पताल लाना पड़ता है।
दो साल से रखी डीपी
ग्रामीणों ने बताया कि सरेलू गांव में बिजली की भी उपयुक्त व्यवस्था नहीं है। बिजली कंपनी ने यहां दो साल पहले एक डीपी रखाई थी, इसके बाद से गांव में कोई नहीं पहुंचा। डीपी में बिजली का कनेक्शन आज तक नहीं किया गया। ग्रामीण गांव के समीप से गुजरी एक अन्य विद्युत लाइन के सहारे बिजली का उपयोग कर पा रहे हैं।
इनका कहना है
ग्राम पंचायत रहली के सरपंच और सचिव को बुला कर सरेलू गांव में सडक़ की समस्या को हल करने के निर्देश दिए हैं। दो स्थानो पर पुलिया डालने के लिए स्टीमेट बनाने के लिए कहा है।
केके रैकवार, जनपद पंचायत सीईओ, गोटेगांव
मौके पर अधिकारियों की टीम भेज कर वहंा की वस्तुस्थिति का पता लगाया जायेगा। यदि वहां कोई समस्या है तो उसका समुचित निराकरण किया जायेगा।
आरपी अहिरवार, सीईओ, जिला पंचायत नरसिंहपुर