
jabalpur pollution : आंख में लालिमा, लगातार पानी आना, दर्द होना और सूखेपन से लोग पीड़ित हो रहे हैं। इन समस्याओं से पीड़ित मरीज नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास पहुंच रहे हैं। इनमें आंखों में खुजलाहट, इरीटेशन से पीड़ित मरीज भी शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ओपीडी में आ रहे मरीजों में 95 प्रतिशत मरीज आंख के इरीटेशन से पीड़ित हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में धूल व अन्य प्रदूषक कण बढ़े हुए हैं ऐसे में लगातार उनके संपर्क में रहने आंखों में संक्रमण की समस्या हो रही है। पीड़ितों को आराम लगने में तीन-चार दिन से लेकर सप्ताहभर का समय लग रहा है। चिकित्सक बचाव के लिए प्रोटेक्टिव ग्लासेज पहनने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही ज्यादा समस्या होने पर आंखों को हाइड्रेट रखने के लिए आई ड्रॉप्स दिया जा रहा है। वे आंखों को ना छूने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि इससे संक्रमण और बढ़ सकता है।
दमोहनाका निवासी 47 वर्षीय युवक को आंखों में लगातार जलन के बाद, आंसू आने लगे और दर्द शुरू हो गया। जांच में नेत्र रोग विशेषज्ञ आंख में संक्रमण बताया। दवा के साथ ही आई ड्राप भी दिया।
गलगला निवासी 22 वर्षीय युवती की आखों में खुजलाहट हुई, आंसू आने लगे। शाम तक दोनों आंख लाल हो गईं। कुछ भी देखना मुश्किल हो रहा था। नेत्र रोग विशेषज्ञ ने जांच के बाद आंखों में संक्रमण बताया और पांच दिन की दवाई दी।
शक्ति नगर निवासी 12 साल के बालक को स्कूल से लौटने पर आंखों में जलन, खुजली और दर्द हो रहा था। चिकित्सक ने जांच में बताया कि आंखों में संक्रमण है। उन्होंने आई ड्रॉप, दवाईयां और प्रोटेक्टिव ग्लास पहनने की सलाह दी।
●प्रोटेक्टिव ग्लासेस पहनें
●आंखों को नहीं छुएं
●विशेषज्ञ की सलाह से ल्युब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स
jabalpur pollution : धूल, धुआं, ठंडी हवा के संपर्क में आने या हाथ साफ किए बगैर आंखों में लगा लेने से लोगों में संक्रमण की समस्या हो रही है। आंखों में लगातार आंसू आने, जलन या फिर सूर्य की रोशनी से एलर्जी जैसे कोई लक्षण होने पर चिकित्सक से जांच अवश्यक कराएं।