सिहोरा के हितग्राहियों को दो साल से नहीं मिली दूसरी किश्त की राशि, घर के बाहर है गृहस्थी का सामान
सिहोरा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को खुद का आशियाना उपलब्ध कराने में सिहोरा नगर पालिका विफल साबित हो रही है। स्थिति यह है कि दो साल वर्ष २०१६-१७ तथा २०१७-१८ में स्वीकृत ८१७ गरीबों के एक भी मकान अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। नए मकान के लिए लोगों ने अपने घर तोड़ दिए। दूसरी किश्त की राशि नहीं मिलने से उन्हें झोपड़ीनुमा कमरों में रहना पड़ रहा है। नगर पालिका के अधिकारी स्वीकृत मकानों के लिए 'राशिÓआवंटित नहीं होने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर रहे हैं।
१8 वार्डों में हुआ था चयन
सिहोरा नगर पालिका के १८ वार्डों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों का चयन किया गया। संबंधित हितग्राही को स्वीकृत एरिया में दो कमरे, किचन, प्रसाधनयुक्त आवास निर्माण के लिए सरकारी मदद चार किश्तों (40 हजार, 60 हजार, एक लाख तथा चौथी किश्त में शेष राशि) दी जानी थी। राशि के अभाव में स्वीकृत १४१ हितग्राहियों को प्रथम किश्त के 40 हजार रुपए मिले। इससे हितग्राहियों ने मकान का बेस तैयार करा लिया। दूसरी किश्त की राशि आज तक उन्हें नहीं मिली। हितग्राहियों गुड्डा साहू, मुनि चौबे, संतोष, घनश्याम विश्वकर्मा, उर्मिला भूमिया ने बताया कि वे पन्नी बांधकर रहने को मजबूर हैं।
केस-१ : झोपड़ीनुमा आवासों में रहने की मजबूरी
वार्ड क्रमांक- 9 इमलहापुरा के नारायण कोल (50) ने बताया कि उसे वर्ष 2016 में पीएम आवास स्वीकृत हुआ था। पहली किश्त से उसने बेस तो तैयार करवा लिया। दो साल से दूसरी किश्त नहीं मिली। इससे परिवार के सदस्य झोपड़ी में रहने को मजबूर है।
केस-1 : गोठान में रह रहा परिवार
वार्ड क्रमांक- 8 अद्धूपुरा की वृद्ध पुसिया बाई पटेल (60) ने पीएम आवास योजना के तहत अपना मकान तोड़कर बेस तो डलवा लिया, लेकिन मकान पूरा नहीं हुआ। पुसिया ने बताया, गृहस्थी का सामान बाहर पड़ा है ओर परिवार के सदस्य गोठान में रहने को मजबूर है।
राशि का नहीं हुआ आवंटन
नगर पालिका परिषद, सिहोरा उपयंत्री देवेन्द्र व्यास ने बताया सिहोरा नगर पालिका क्षेत्र में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास पूरा नहीं होने का कारण राशि का आवंटित नहीं होना है। किश्त नहीं मिलने से नए आवासों का भी निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है।