थ्री एसी इकोनॉमी कोच का नया रैक लेकर चलेगी ट्रेन, आरामदायक होगा सफर
जबलपुर.
शहर से मुम्बई जाने वाली गरीबरथ एक्सप्रेस जल्द ही थ्री एसी इकोनॉमी कोच लेकर चलेगी। रेलवे बोर्ड ने इसके पुराने रैक को हटाने का निर्णय किया है। नए थ्री एसी इकोनॉमी कोच के रैक से ट्रेन का सफर आरामदायक हो जाएगा। नए कोच में बर्थ की संख्या भी ज्यादा है। ये पैसेंजर फ्रेंडली होंगे।
पश्चिम मध्य रेल की जबलपुर-सीएसएमटी गरीबरथ एक्सप्रेस (12187/88) सप्ताह में तीन दिन संचालित होती है। रेलवे बोर्ड ने इस वर्ष इसके पुराने कोच को थ्री एसी इकोनॉमी कोच से बदलने का लक्ष्य रखा है। नए कोच में झटके कम लगेंगे। ये अपेक्षाकृत ज्यादा सुरक्षित भी होंगे।
नए कोच में हाई वोल्टेज इलेक्ट्रिक स्विचगियर को डिब्बे के अंदर से हटा कर ट्रेन के निचले हिस्से में लगाया गया है। इससे कोच में 11 नई सीटों के लिए जगह मिल गई है। अतिरिक्त सीट को मिलाकर थ्री एसी इकोनॉमी के प्रत्येक कोच में 83 सीटें होगी।
- 992 किमी की दूरी तय करती है गरीबरथ एक्सप्रेस
- 13 स्टेशन पर ठहराव, अंतिम पड़ाव को मिलाकर
- 03 हजार के करीब यात्री प्रत्येक फेरे में करते हैं सफर
गोवा, पुणे जाने वालों को भी आसानी
शहर से पुणे के लिए सिर्फ एक सीधी ट्रेन सप्ताह में एक दिन चलती है। ऐसे में बड़ी संख्या में पुणे के यात्री भी गरीब रथ एक्सप्रेस में सवार होते हैं। गोवा जाने वाले यात्री भी गरीबरथ की सवारी करते हैं। शिर्डी जाने वाले श्रृद्धालु भी मनमाड़ तक गरीबरथ एक्सप्रेस में सफर करते हैं।
थ्री एसी कोच में खासियत...
-फ्लाइट की तरह प्रत्येक यात्री के लिए अलग-अलग एसी डक्ट। इसे यात्री सुविधानुसार खोल एवं बंद कर सकेंगे।
-कोच का इंटीरियर नया और अलग। प्रत्येक सीट के लिए बोतल स्टैंड, रीडिंग लाइट, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट।
-मिडिल और अपर बर्थ में चढऩे सुविधाजनक सीढ़ी। साइड में दो बर्थ ही होंगी। साइड बर्थ में स्नैक टेबल।
-कोच में बेहतर लाइटिंग। रात में रोशनी के साथ इंटीग्रेटेड बर्थ इंडिकेटर्स में ल्यूमिनेसेंट आइजल मार्कर।
-नए कोच आधुनिक सेफ्टी फीचर्स से लैस। इसे 160 किमी प्रतिघंटा की गति तक चलाया जा सकेगा।
-प्रत्येक कोच में सीसीटीवी कैमरे। दिव्यांगों के अनुकूल भारतीय एवं पश्चिमी शैली का शौचालय।
इस वर्ष की योजना में शामिल
पश्चिम मध्य रेल में मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी राहुल जयपुरियार के अनुसार जबलपुर-सीएसएमटी-जबलपुर गरीबरथ एक्सप्रेस के रैक को नए थ्री एसी कोच के रैक से रिप्लेस किया जाएगा। इसे रेलवे बोर्ड की इस वर्ष की योजना में शामिल किया गया है। नए रैक ज्यादा सुविधानक है। इसमें बर्थ भी ज्यादा रहेंगी।