भाई-बहन के बीच विलेन
जबलपुर. बहन-भाई के प्यार का पर्व रक्षाबंधन 26 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार भद्रा दोष की बाधा नहीं होगी। बहनें सूर्योदय से सूर्यास्त तक भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। ज्योतिर्विदों के अनुसार कई वर्षों बाद बिना भद्रा वाला रक्षाबंधन पर्व आया है। उधर, शहर में राखी के के लिए बाजार सज गए हैं।
रक्षाबंधन पर्व 26 को : सूर्योदय से सूर्यास्त तक बहनें बांध सकेंगी राखी
ज्योतिर्विद् जनार्दन शुक्ला के अनुसार श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को रक्षाबंधन में भद्रा दोष नहीं है। रक्षाबंधन के एक दिन पहले चतुर्दशी की भोर रात 3.21 बजे ही भद्रा समाप्त हो जाएगा। 26 अगस्त को सूर्योदय से शाम 4.15 बजे तक पूर्णिमा तिथि रहेगी।
रात में भी कोई भद्रा दोष नहीं
सूर्योदय के बाद साढ़े तीन घंटे तिथि होने कारण पूरे दिन पूर्णिमा मानी जाएगी। रात में भी कोई भद्रा दोष नहीं है। पूर्णिमा के दिन श्रावण पर्व मनाया जाएगा। एक माह तक पार्थिव शिवलिंग निर्माण और रुद्राभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की उपासना पूर्णिमा को पूरी होगी। श्रद्धालु तीर्थ स्नान और दान-पुण्य करेंगे।
पर्व का पौराणिक महत्व
ज्योतिर्विदों के अनुसार राजा बलि के तप के प्रभाव में वामन भगवान उनके यहां रहने लगे थे। भगवान को प्राप्त करने के लिए भगवती लक्ष्मी पाताल लोक से राजा के दरबार पहुंची। उन्होंने श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को राजा को राखी बांधा। भाई से दक्षिणा के रूप में भगवान को वापस प्राप्त किया।
रक्षा करने के संकल्प के साथ उपहार
इस पर्व को बहन अपने भाई को राखी बांधकर रक्षा की कामना करती है। भाई भी बहनों को उनकी रक्षा करने के संकल्प के साथ उपहार देते हैं। रक्षाबंधन इस बार 26 अगस्त को मनाया जाएगा। बहनें सूर्योदय से सूर्यास्त तक भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। भद्रा दोष की बाधा नहीं होगी। ज्योतिर्विदों के अनुसार कई वर्षों बाद बिना भद्रा वाला रक्षाबंधन पर्व आया है। रात में भी कोई भद्रा दोष नहीं है।