सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगारों से रिटायर्ड फौजी ने ऐंठे 45 लाख
government jobs : मिलेट्री अस्पताल से नायक के पद से रिटायर्ड सेना के जवान रांझी मढ़ई निवासी राजेश कुमार राजभर ने कई बेरोजगारों को नौकरी लगवाने के नाम पर 45 लाख रुपए ऐंठ लिए। इसका खुलासा उस वक्त हुआ, जब वह गुरुवार को मिलेट्री इंटेलीजेंस की टीम के हत्थे चढ़ गया। उसे रांझी पुलिस के हवाले किया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के पास से कई और लोगों के नाम के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर मिले हैं, जो सेना के अलग-अलग संस्थानों के हैं। रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने बताया कि राजेश वर्ष 2013 से वर्ष 2016 तक मिलेट्री अस्पताल जबलपुर में पदस्थ था। यहीं से रिटायर्ड हुआ। वह बेरोजगारो को मेडिकल कराने के नाम पर मिलेट्री अस्पताल ले जाता था। बताता था कि उसकी अफसरों से सेटिंग हैं और वह उनकी नौकरी लगवा देगा।
इनसे ठगी रकम: आरोपी ने अरविंद कोल से चार लाख 80 हजार, भगवानदास राय से एक लाख 70 हजार, प्रीति घोष से चार लाख 65 हजार, अशोक कुशवाहा से दस लाख, संजय सेंगर से चार लाख, नीलम सिंह राजपूत से साढ़े तीन लाख, संतोष कोल से तीन लाख 75 हजार, पूजा गुप्ता से छह लाख 35 हजार, संतोष कुमार से दो लाख 84 हजार और आशीष कोल से दो लाख 30 हजार रुपए लिए थे। यह पूरी रकम उसने अपने एसबीआई और पीएनबी एकाउंट में जमा कराए थे।
आरोपी ने बेरोजगारों को हेडक्वार्टर एमबी एरिया जबलपुर (चिकित्सा शाखा), कमांडेंट मिलेट्री हॉस्पिटल जबलपुर एसओ तृतीय, 506 आर्मी बेस वर्कशॉप, कर्नल हेड क्वार्टर एमपी एरिया, जैक आरआरसी जबलपुर, आइक्यूएच दिल्ली के नाम से के ज्वाइनिंग लेटर दिए। इसमें उक्त सभी आर्मी से जुड़े संस्थानों की फर्जी सील भी लगी थी।