जबलपुर

jabalpur high court case status : भोपाल में स्मार्ट सिटी टीटी नगर में बनेगी या शिवाजी नगर में, फैसला सुरक्षित, सस्पेंस बरकरार

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के खिलाफ याचिका पर फैसला सुरक्षित, शिवाजी नगर की बजाय टीटी नगर में बनाने को याचिका में दी गई चुनौती

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Nov 06, 2017
vyapam scam- 9 special courts ended

जबलपुर। प्रदेश की राजधानी में स्मार्ट सिटी के एरिया को लेकर कुछ दिन में तस्वीर साफ हो जाएगी। स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट टीटी नगर में होगा या शिवाजी नगर में, यह भी लोगों को जल्द पता चल जाएगा। मप्र हाईकोर्ट में उन जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई पूरी हो गई है, जिसमें भोपाल के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में नियमों के उल्लंघन का मामला उठाया गया है। चीफ जस्टिस हेमंत कुमार गुप्ता व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता, राज्य सरकार व भोपाल नगर निगम के पक्ष सुनकर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
यह है मामला
भोपाल के अहाता रुस्तम खान इलाके के निवासी मुनव्वर अली, मुकर्रम अली सहित ३२ लोगों ने ये याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि प्रस्तावित स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट भोपाल विकास योजना के मापदंडों व नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम १९७३ के प्रावधानों का उल्लंघन कर बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट में पॉलीटेक्नीक चौराहे से लेकर भारतमाता चौक तक की सड़क को संकरा व नियमों के खिलाफॅ बनाया जा रहा है।
पहले शिवाजी नगर में बनना था
कहा गया कि स्मार्ट सिटी के लिए पहले शिवाजी नगर क्षेत्र का नाम प्रस्तावित किया गया था। बाद में बिना किसी कारण के इसकी जगह टीटी नगर क्षेत्र को इस प्रोजेक्ट के लिए चुन लिया गया। याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि उक्त सड़क को स्मार्ट सिटी में लेने के लिए पहले भोपाल विकास योजना में संशोधन किया जाना चाहिए। आग्रह किया गया कि बिना वजह टीटी नगर में स्मार्ट सिटी बनाने के प्रोजेक्ट को शिवाजी नगर शिफ्ट किया जाना चाहिए।
राज्य स्तरीय समिति के किया फेरबदल
राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि भूमि उपयोग बदलने का अधिकार केवल राज्य स्तरीय समिति को है। समिति ने पाया कि शिवाजी नगर की बजाय टीटी नगर में स्मार्ट सिटी बनाया जाना बेहतर होगा। इसके आधार पर फेरबदल किया गया। इसके अलावा उक्त सड़क न तो टीटी नगर में है और ना ही शिवाजी नगर में। इस तर्क के साथ याचिकाकर्ता के क्षेत्राधिकार पर सवाल लगाया गया। सुनवाई पूरी कर कोर्ट ने फैसला बाद में सुनाने के निर्देश दिए। राज्य सरकार का पक्ष उमहाधिवक्ता पुष्पेंद्र यादव ने रखा

Published on:
06 Nov 2017 08:56 pm
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