ओपीडी में जांच के लिए आने वालों में न्यूरो और हृदय रोगी ज्यादा
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज परिसर में खुले सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मरीजों को सर्जरी शुरू हो गई है। अस्पताल के मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में से दो पर ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। सम्भाग के सबसे आधुनिक अस्पताल में आइपीडी की सुविधा भी उपलब्ध हो गई है। मरीजों को भर्ती करने के साथ ही यहां की ओपीडी में मरीजों की संख्या भी दोगुना से ज्यादा हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा न्यूरो और हृदय रोगी हैं। अभी तक निजी अस्पतालों में महंगी कीमत पर होने वाली जांच और सर्जरी यहां कार्डियक और न्यूरो सर्जरी की ओटी यूनिट शुरू होने के बाद गरीबों को नि:शुल्क और अन्य वर्ग के मरीजों को अपेक्षाकृत आधी फीस पर मिलेगी।
दो ओटी और शुरू करने के प्रयास
अस्पताल में सस्ती और आधुनिक सर्जरी के लिए छह आधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाए गए हैं। अभी दो और ओटी शुरू करने की योजना है। इसके लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं। कॉलेज से कुछ संसाधन शिफ्ट करने के साथ ही जरूरी अन्य सामग्री क्रय की जा रही है। सीमित संसाधनों और चिकित्सकों की कमी के कारण छह में से अधिकतम चार ओटी में ही सर्जरी सम्भव होगी।
अधिकारियों की टीम जायजा लेगी
केंद्र और राज्य सरकार की भागीदारी से प्रदेश में चार सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की योजना पर काम हुआ। शहर में बने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सबसे पहले उपचार शुरु हुआ। ऐसे में शहर का यह हॉस्पिटल एक मॉडल बनकर उभरा है। इसके अभी तक के कामकाज और योजना के क्रियान्वयन का जायजा लेने के लिए सोमवार को केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों का एक दल आ रहा है। दल के निरीक्षण में यहां की जरुरतों पर चर्चा होगी।
सुपर स्पेशलिटी में
150 करोड़ रुपए का हॉस्पिटल
50 करोड़ के आधुनिक उपकरण
206 बिस्तर और सात वार्ड
10 बिस्तर के 3 आइसीयू है
06 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर
200-250 मरीज ओपीडी में प्रतिदिन
ओपीडी के साथ ही आइपीडी शुरू कर दी गई है। दो ओटी भी काम कर रहे हैं। अभी हृदय और न्यूरो के मरीजों की सर्जरी प्रारम्भ की गई है। बाकी ओटी को भी शुरु करने के प्रयास हैं। मरीजों को बेहतर उपचार देना लक्ष्य है।
डॉ. वायआर यादव, डायरेक्टर, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल