
जबलपुर। कोरोना संकट के बीच जिले में औद्योगिक निवेश को बल मिला है। जबलपुर के उमरिया-डुंगरिया में फेज-2 के तहत बने औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाओं की तरफ उद्योगपति आकर्षित हो रहे हैं। अब यहां नए उद्योग आने की सम्भावनाएं बढ़ गई हैं। इसी तरह सरदा और जिले से लगे मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में भी कुछ इंडस्ट्री अगले दो से तीन साल के भीतर स्थापित होंगी। लगभग 15 इंडस्ट्री में 135 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश होगा। अभी की स्थिति में जिले में उद्योगों के लिए हजारों हेक्टेयर भूमि खाली है। शहर से लगे औद्योगिक क्षेत्र रिछाई एवं अधारताल में अब जगह नहीं है। ऐसे में नए निवेशकों के लिए उमरिया-डुंगरिया या फिर हरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र अनुकूल है। इतनी ही दूरी पर जिले की सीमा से लगा मनेरी औद्योगिक क्षेत्र है। हाल में इन जगह पर नई इंडस्ट्री लगाने के लिए निवेशकों ने रुचि दिखाई है। हालांकि, वृहद उद्योगों की आवश्यकता यहां बनी हुई है। बड़े औद्योगिक घराने जिनमें हजार, दो हजार लोगों को एक साथ रोजगार मिल सके, उसकी कमी बनी हुई है।
कई सुविधाएं मिलेंगी
उमरिया-डुंगरिया का फेज-2 इंडस्ट्रीयल एरिया अभी सुविधाओं की दृष्टि से प्रदेश में अव्वल है। उद्योगों के लिहाज से नई सोच के तहत इसे विकसित किया गया है। यहां मप्र इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआईडीसी) ने करीब 63 हेक्टेयर भूमि विकसित की है। इसमें लगभग 27 हेक्टेयर भूमि इंडस्ट्री के लिए दी गई है। इसलिए यहां छह नई इंडस्ट्री ने इसी वित्तीय वर्ष में जगह ली है। इसी प्रकार प्रकार फेज-1 में भ्ीा तीन नई इंडस्ट्री आएंगी। मनेरी में दो और सिहोरा के सरदा में एक बड़ी इंडस्ट्री स्थापित होगी। सभी में 500 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
यह होगी निवेश और रोजगार की स्थिति
उमरिया-डुंगरिया औद्योगिक क्षेत्र
निवेश -रोजगार
17 करोड़- 180
मनेरी औद्योगिक क्षेत्र
31 करोड़- 70
सिहोरा, सरदा
87 करोड़- 275
एमपीआईडीसी क्षेत्रीय कार्यालय के कार्यकारी संचालक सीएस धुर्वे ने बताया कि जबलपुर जिला और सम्भाग में निवेश के लिए उद्योगपतियों ने रुचि दिखाई है। जनवरी से अभी तक करीब 30 छोटी-बड़ी इंडस्ट्री को अलग-अलग इंडस्ट्रियल एरिया में भूखंड दिए हैं। इनमें करोड़ों का निवेश और सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा।