जबलपुर

जबलपुर में क्यों बढ़ रहे दूध के दाम!

हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा, क्यों नहीं हो रही मॉनिटरिंग, जवाब के लिए दी पन्द्रह दिनों की मोहलत
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Dec 08, 2020
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Madhya Pradesh High Court

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि जबलपुर में दूध के दाम में मनमानी वृद्धि क्यों हो रही है ? इसकी मॉनिटरिंग क्यों नही की जा रही है? एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने इस सम्बंध में पूर्व में जारी नोटिस का जवाब पेश करने के लिए राज्य सरकार को पन्द्रह दिनों की मोहलत दी। अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने तर्क दिया कि नियमानुसार सरकार को दूध का रेट निर्धारित करना चाहिए। उसकी मॉनीटरिंग भी करनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। 13 अप्रैल, 2007 को स्वयं राज्य शासन ने इस संबंध में व्यवस्था दी थी। इसके बावजूद अपने ही निर्णय को सरकार अमल में नही ला सकी। अधिवक्ता उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि जबलपुर के दूध विक्रेताओं ने मनमाने तरीके से तीन रुपये वृद्धि कर दूध 55 से 56 रुपये लीटर बेचना शुरू कर दिया। इस दाम के बोर्ड लटका दिए गए हैं। बिना मॉनिटरिंग के जनता लुटने पर मजबूर है। मंडला, दमोह, नरसिंहपुर, अनूपपुर, बालाघाट, उमरिया, शहडोल, कटनी, सिवनी जिलों की तुलना में जबलपुर में दूध का दाम बहुत अधिक है। ऐसे में मॉनीटरिंग बहुत जरूरी है। मनमानी करने वाले दूध विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब देने को कहा था। सरकार की ओर से इसके लिए मोहलत मांग ली गई।

Published on:
08 Dec 2020 08:12 pm