CG News: मुख्य वक्ता डॉ. अनुज कुमार शुक्ला एनआईटी रायपुर ने कहा कि भारत हमेशा से विश्व कल्याण का कार्य करता रहा है। आज युवाओं को केवल स्थानीय नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट की ओर ध्यान देना होगा।
CG News: स्वावलंबी भारत के निर्माण और युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करने के लिए शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन स्टार्टअप फाउंडेशन और कला अर्चना आर्ट स्टूडियो की ओर से 3 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
शनिवार को बस्तर आर्ट गैलरी में हुए इस कार्यक्रम का विषय था बस्तर में स्टार्टअप की चुनौतियां और संभावनाएं’’। बड़ी संख्या में युवा उद्यमियों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। मुख्य अतिथि देवकर साहेब संस्थापक च्यवन आयुर्वेदा रायपुर ने कहा कि अगर युवाओं के भीतर जुनून और इच्छाशक्ति है, तो वे देश बदल सकते हैं। स्टार्टअप की राह कठिन जरूर होती है, लेकिन जिद और समर्पण ही सफलता की असली कुंजी है। सपने हमेशा बड़े देखो, लेकिन शुरुआत अपने आसपास की छोटी जरूरतों को समझकर करो।
विवि के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हर साल करोड़ों युवा कार्यबल में जुड़ते हैं, लेकिन केवल 10-12 लाख को ही सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार मिलता है। ऐसे में आत्मनिर्भर बनने के लिए उद्यमिता ही रास्ता है। स्वावलंबी भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवा तकनीक और कौशल से सशक्त होकर खुद का उद्यम स्थापित करेंगे।
तीन दिवसीय आयोजन के पहले दिन हस्तशिल्प एवं कला मेला और दूसरे दिन अंतर विद्यालयीन चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। सफल आयोजन में नोडल अधिकारी डॉ. तूलिका शर्मा, डॉ. नीरज वर्मा, डॉ. देवेंद्र मरावी सहित पूरी टीम और आर्ट स्टूडियो की डायरेक्टर तमन्ना भाटिया का विशेष योगदान रहा। संचालन डॉ. रश्मि देवांगन ने किया।
CG News: मुख्य वक्ता डॉ. अनुज कुमार शुक्ला एनआईटी रायपुर ने कहा कि भारत हमेशा से विश्व कल्याण का कार्य करता रहा है। आज युवाओं को केवल स्थानीय नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट की ओर ध्यान देना होगा। भारतीय युवा आत्मनिर्भर बनकर न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए नए अवसर तैयार कर सकते हैं। शंकर त्रिपाठी स्वदेशी जागरण मंच ने युवाओं से स्वदेशी आंदोलन से जुड़ने की अपील की।
वहीं बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्याम सोमनी ने कहा कि स्वरोजगार से केवल एक परिवार नहीं, बल्कि कई परिवारों का पोषण होता है, इसलिए उद्यमिता को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। कुलसचिव डा राजेश लालवानी ने बताया कि विश्वविद्यालय का इनक्यूबेशन सेंटर युवाओं को 24 घंटे सहयोग दे रहा है। साथ ही आईआईटी भिलाई से 5 करोड़ रुपए का फंड मिलने की सहमति बनी है।