
Dhudmaras Bamboo Rafting: कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित धूड़मारास (धुरवा डेरा) में नदी का जलस्तर कम होने के बाद बांस राफ्टिंग और कयाकिंग फिर शुरू से कर दी गई है। शनिवार को आयोजित ग्राम सभा की बैठक में पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित करने, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़े कई निर्णय लिए गए। राफ्टिंग और कयाकिंग का संचालन मौसम, नदी की स्थिति और सुरक्षा मानकों के आधार पर किया जाएगा। पर्यटकों के लिए सुरक्षा निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। पर्यटकों से यात्रा से पहले गतिविधियों की उपलब्धता और आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेने का अनुरोध किया गया है। सभी गतिविधियों के लिए अग्रिम बुकिंग अनिवार्य होगी।
पर्यटन अनुभव को स्थानीय संस्कृति से जोडऩे के लिए आदिवासी कला, परंपराओं और पारंपरिक धुरवा नृत्य को भी शामिल किया गया है। इन कार्यक्रमों का संचालन स्थानीय समुदाय की सहमति और सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान के साथ किया जाएगा। इससे स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा।
ग्राम सभा ने धूड़मारास को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त पर्यटन स्थल बनाने का निर्णय लिया है। पर्यटन स्थलों, नदी-नालों और प्राकृतिक क्षेत्रों में कचरा फैलाने पर रोक रहेगी। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए पर्यटन स्थलों पर पिकनिक मनाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
राफ्टिंग और कयाकिंग के अलावा पर्यटकों के लिए नेचर ट्रेल, पक्षी दर्शन, गांव भ्रमण और प्राकृतिक झरनों का भ्रमण शुरू किया गया है। इन गतिविधियों के माध्यम से पर्यटक क्षेत्र की जैव विविधता, ग्रामीण जीवन और स्थानीय संस्कृति को करीब से जान सकेंगे।
पर्यटक धुरवा डेरा होम स्टे में ठहरकर बस्तर के ग्रामीण जीवन, प्राकृतिक परिवेश और स्थानीय भोजन का अनुभव ले सकते हैं। होम स्टे और पर्यटन गतिविधियों के लिए ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध है।