CG Flight: जगदलपुर की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर निराशाजनक स्थिति सामने आई है। रायपुर के लिए प्रस्तावित नई सेवा शुरू होने से पहले ही दिल्ली के लिए संचालित उड़ान बंद होने की कगार पर पहुंच गई है।
Jagdalpur Delhi Flight News: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर एक बार फिर निराशाजनक स्थिति सामने आई है। रायपुर के लिए प्रस्तावित नई सेवा शुरू होने से पहले ही दिल्ली के लिए संचालित उड़ान बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। जानकारी के मुताबिक, एलायंस एयर को वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) नहीं मिलने के कारण 23 मार्च को अंतिम उड़ान मानी जा रही है। इसके बाद सेवा पूरी तरह ठप होने की आशंका है।
इस फैसले का असर केवल दिल्ली मार्ग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जबलपुर और बिलासपुर के लिए संचालित सेवाओं पर भी पड़ सकता है। पहले सप्ताह में दो दिन चलने वाली उड़ान सेवा को पहले ही घटाकर एक दिन कर दिया गया था, और अब इसके पूरी तरह बंद होने की स्थिति बन गई है। इससे बस्तर के यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हाल ही में पेश किए गए बजट में बस्तर क्षेत्र में हवाई सेवाओं के विस्तार और पर्यटन को बढ़ावा देने की बातें कही गई थीं। लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। जिन सेवाओं को मजबूत किया जाना था, वे ही अब बंद होने की कगार पर हैं।
बस्तर क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सेवाएं बंद होने से इस पर सीधा असर पड़ेगा। साथ ही, व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होंगी, क्योंकि तेज और सुगम परिवहन की सुविधा सीमित हो जाएगी।
हवाई सेवाओं के लगातार कमजोर होने के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के लोग यह जानना चाहते हैं कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनकी आवाज कौन उठाएगा और समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या घटने से कनेक्टिविटी एक बार फिर कमजोर होती नजर आ रही है। इससे न केवल आम नागरिकों बल्कि प्रशासनिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी असर पड़ेगा।
फिलहाल बस्तर की हवाई सेवा एक बार फिर अनिश्चितता के दौर में पहुंच गई है। यदि जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास से जुड़े दावे सवालों के घेरे में बने रहेंगे।