छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नन्हें आदिवासी बालक सहदेव की तर्ज पर अब दंतेवाड़ा के नन्हें गायक भोगेंद्र बघेल का रैप गाते हुए वीडियो वायरल होने लगा है।
दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नन्हें आदिवासी बालक सहदेव की तर्ज पर अब दंतेवाड़ा के नन्हें गायक भोगेंद्र बघेल का रैप गाते हुए वीडियो वायरल होने लगा है। छह साल पहले प्रायमरी में पढ़ने वाला भोगेंद्र एक मंझे हुए रैपर की तरह नॉन स्टॉप कुड़ी लगती कमाल है गाता हुआ नजर आ रहा है।
दरअसल, इस बच्चे ने स्कूल में पढ़ने वाले अपने सहपाठियों के साथ मिलकर यह गाना गाया, जिसमें उसके ही मोहल्ले का एक बालक प्लास्टिक के डिब्बे को बजाकर ताल दे रहा है। हाफ पेंट पहने गायक भोगेंद्र ने कूदने वाली रस्सी का एक सिरा माइक की तरह थाम रखा है। उचित प्रशिक्षण व मंच मिलने पर यह भी संगीत के क्षेत्र में काफी दूर तक निकल सकता है।
6 साल पुराना निकला वीडियो
पत्रिका की टीम जब इस होनहार गायक को तलाशते हुए उसके गांव कुम्हाररास पहुंची, तो यह देखकर हैरानी हुई कि वायरल वीडियो करीब 6 साल पुराना है, जिसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने रिकार्ड कर लिया था। इतने साल में भोगेंद्र 11वीं कक्षा तक पहुंच चुका है और उसका साथी मनीष बघेल अब 12वीं का छात्र है। मुख्यमंत्री डीएवी स्कूल पातररास में पढ़ाई कर रहे भोगेंद्र के पिता गणेश बघेल कृषि विभाग में कर्मचारी हैं।
गायिकी की विधिवत शिक्षा नहीं ली
पत्रिका से बातचीत में भोगेंद्र ने बताया कि उसने गाने की कोई विधिवत शिक्षा नहीं ली है। बस एक बार कोई गाना सुन लेता है, तो वह याद हो जाता है। फिर दोस्तों के साथ मिलकर गाने लगता है। मैडम ने गाना कब रेकॉर्ड कर लिया, पता ही नहीं चला। पत्रिका टीम के अनुरोध पर उसने वायरल वीडियो वाले रैप सॉन्ग के अलावा एक और गाना गाकर सुनाया। इस बार भी प्लास्टिक की बाल्टी पर ताल देने के लिए वह अपने साथी मनीष को बुला लाया था।