जयपुर. प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में वित्तीय अनियमितता और गबन का बड़ा मामला विधानसभा में उजागर हुआ है। विधायक संदीप शर्मा के तारांकित प्रश्न के जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकार किया कि 10 चिकित्सा संस्थानों में 1.2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि लंबित है। जांच में सामने आया कि इन संस्थानों […]
जयपुर. प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में वित्तीय अनियमितता और गबन का बड़ा मामला विधानसभा में उजागर हुआ है। विधायक संदीप शर्मा के तारांकित प्रश्न के जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकार किया कि 10 चिकित्सा संस्थानों में 1.2 करोड़ रुपए से अधिक की राशि लंबित है।
जांच में सामने आया कि इन संस्थानों में मरीजों से वसूली योग्य राशि का समुचित लेखा-जोखा नहीं रखा गया। बिलिंग और वसूली प्रक्रिया में गंभीर चूक के कारण यह राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं हो सकी। विभाग ने प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर 13 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। सरकार ने माना कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन न होने से राजस्व का नुकसान हुआ है।
इन अस्पतालों में सामने आया मामला
एसएमएस अस्पताल, जयपुर : 3,54,154
सैटेलाइट अस्पताल, जयपुर : 46,880
महिला अस्पताल, जयपुर : 32,532
एसआरजी अस्पताल, झालावाड़ : 1,67,846
जिला अस्पताल, धौलपुर : 1,12,500
जिला अस्पताल, दौसा : 46,010
जिला अस्पताल, सवाई माधोपुर : 81,454
एमजी मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पताल, जोधपुर : 9,42,447
जनाना अस्पताल व एमडीएम संबद्ध अस्पताल, जोधपुर : 66,179
राजकीय अस्पताल, बांसवाड़ा : 90,450
कुल बकाया राशि : 1,00,20,986