
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्लेम, पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अहम भूमिका निभा रही है। राजस्थान के कई जिलों में इस योजना के तहत किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। सूखा, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा मिल रहा है।
श्रीगंगानगर, अलवर और बूंदी जिलों में योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी क्षेमा जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड को सौंपी गई है। इन जिलों में अलग-अलग मौसमों के दौरान कुल करीब 423 करोड़ रुपए के बीमा दावों का भुगतान किया गया है। इससे एक लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिला है।
आंकड़ों के अनुसार खरीफ 2023, रबी 2023-24, खरीफ 2024 और रबी 2024-25 सीजन में बड़ी संख्या में किसानों ने आवेदन किया। दावों के भुगतान से किसानों को अगली फसल की तैयारी में सहूलियत मिली। श्रीगंगानगर जिले की करणपुर तहसील में ही लगभग 79 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया, जिससे हजारों किसान लाभान्वित हुए।
योजना के तहत आवेदनों की सख्ती से जांच भी की गई। जांच के दौरान खरीफ 2025 सीजन में 2 लाख 21 हजार से अधिक फर्जी आवेदन निरस्त किए गए। इससे केंद्र और राज्य सरकार की करीब 30 करोड़ रुपए से अधिक की सब्सिडी की बचत हुई। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल पात्र किसानों को लाभ पहुंचाना है। रबी 2024-25 सीजन में फसल कटाई प्रयोग की प्रक्रिया को लेकर कुछ आपत्तियां दर्ज की गई हैं। मामला राज्य स्तरीय शिकायत निवारण समिति में विचाराधीन है।
योजना के क्रियान्वयन में तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सैटेलाइट चित्रों और फील्ड सर्वे के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिस खेत के लिए बीमा लिया गया है, वहां वास्तव में फसल बोई गई हो। सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है और खेती के प्रति उनका भरोसा मजबूत हो रहा है।
Updated on:
19 Feb 2026 10:02 pm
Published on:
19 Feb 2026 10:01 pm
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