
केस-01 : मोहल्ला पैकान निवासी अब्दुल खलील ने बताया कि उनकी साढ़े चार साल की बेटी नाजिमा रविवार सुबह पढऩे जा रही थी। इस दौरान 5 श्वानों ने हमला कर कमर, चेहरे और आंख पर काट लिया। इससे गहरे घाव को गए। आसपास के लोगों ने उसे बचाया।
केस-02 : मोहल्ला पतंगवालान निवासी अब्दुल हमीद ने बताया कि बेटी-दामाद उनके घर आए हुए थे। छह साल का पोता दानिश व दो साल का नवासा हसनैन घर के बाहर खेल रहे थे। श्वानों के हमले में दानिश की कमर और हसनैन के चेहरे पर चोट आई।
केस-03 : पंतगवालों का मौहल्ला निवासी मोहसिन ने बताया कि गर्मी की छुट्टी में भांजा मुस्सविर घर आया था। सुबह 6.30 बजे घर के बाहर खड़ा था था तब 5-7 श्वानों ने हमला कर दिया। वह बुरी तरह जख्मी हो गया।
अश्विनी भदौरिया / जयपुर. लावारिस श्वानों के आतंक से लोग कितने त्रस्त हैं और जिम्मेदार कितने बेफिक्र, पिछले 3 दिन में इसकी गम्भीर स्थिति सामने आई है। रामगंज और आसपास के क्षेत्र में 3 दिन में लावारिस श्वानों ने 12 मासूम बच्चों को काट लिया। बुरी तरह जख्मी ये रह-रहकर कराहते हैं तो परिवार के लोग परेशान हो उठते हैं। लोगों की शिकायत पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची लेकिन लीपापोती कर चली गई।
लोगों ने बताया कि चौकड़ी रामचन्द्रजी, मोहल्ला पतंगवालान, जगन्नाथ शाह का रास्ता, मोहल्ला पैकान, फूटा खुर्रा आदि क्षेत्र में लावारिस श्वानों के आतंक से लोग खासे परेशान हैं। बीते रविवार से अब तक करीब 12 बच्चों पर श्वान जानलेवा हमला कर चुके हैं। इनमें से कोई घर के बाहर खेल रहा था, कोई पढऩे जा रहा था। श्वानों ने इन बच्चों को बुरी तरह नोंचा। किसी की पीठ पर काटा, किसी के सिर में। किसी की आंख मुश्किल से बची। बच्चे घर के बाहर खेलने में भी डरने लगे हैं।
नहीं हो रही पुख्ता कार्रवाई
लोगों ने बताया कि बीते कई दिन से नगर निगम और क्षेत्रीय पार्षद से शिकायत कर रहे हैं। रविवार और सोमवार को श्वानों ने बच्चों-बड़ों पर हमले किए तब जाकर मंगलवार को निगम की गाड़ी आई। लेकिन श्वानों की जगह पिल्लों को पकड़कर ले गई।