Rajasthan by-elections: राजस्थान में इस समय हो रहे विधानसभा उपचुनाव में 34 मतदाता ऐसे हैं, जो वोट देने से पहले ही इस दुनिया से अलविदा हो गए। जबकि इन मतदाताओं ने होम वोटिंग में वोट देने के लिए निर्वाचन विभाग में आवेदन किया था।
जयपुर। उम्र भले ही 85 वर्ष से अधिक रही हो, लेकिन वोट देने की तमन्ना मन में थी। राजस्थान में इस समय हो रहे विधानसभा उपचुनाव में 34 मतदाता ऐसे हैं, जो वोट देने से पहले ही इस दुनिया से अलविदा हो गए। जबकि इन मतदाताओं ने होम वोटिंग में वोट देने के लिए निर्वाचन विभाग में आवेदन किया था। लेकिन वोट देने से पहले ही इनकी मौत हो गई।
राजस्थान में विधानसभा उपचुनाव के लिए 7 क्षेत्रों में से 5 रामगढ़, दौसा, देवली-उनियारा, खींवसर और चौरासी विधानसभा क्षेत्रों में 85 वर्ष से अधिक उम्र और दिव्यांग मतदाताओं द्वारा घर से मतदान (होम वोटिंग) की प्रक्रिया का पहला चरण गुरुवार को पूरा हो गया है। झुंझुनू और सलूम्बर में शुक्रवार को भी होम वोटिंग की जाएगी।
बीते सोमवार से शुरू हुई इस प्रक्रिया में प्रथम चरण में अब तक कुल 2,882 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में 85 वर्ष से अधिक आयु के और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले कुल 3,193 मतदाताओं को होम वोटिंग के लिए निर्धारित प्रारूप 12डी में आवेदन करने पर यह सुविधा दी गई। इनमें से अब तक 2,983 मतदाताओं को मतपत्र जारी किए गए हैं, जिनमे से 2,097 बुजुर्गों और 785 दिव्यांग जन ने इस सुविधा का उपयोग कर मतदान कर लिया है।
महाजन के अनुसार, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अब तक कुल 67 मतदाता अपने घर अनुपस्थित मिले, जिनके लिए दूसरे चरण में 9 एवं 10 नवम्बर को होम वोटिंग करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 34 अन्य मतदाताओं की होम वोटिंग के लिए आवेदन के बाद से मृत्यु हो गई है।
विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, होम वोटिंग के लिए अब तक सर्वाधिक मतदान देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में हुआ है, जहां कुल 564 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया है. इसी प्रकार, सलूम्बर में 525, झुंझुनू में 501, खींवसर में 399, दौसा में 370, चौरासी में 308 और रामगढ़ में 215 मतदाताओं ने घर से मतपत्र के जरिए अपने वोट डाले हैं।