
भारत में बांग्लादेश से घुसपैठ करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इनमें से अधिकांश घुसपैठिये राजस्थान में ठिकाना बना रहे हैं। खुफिया एजेन्सियों की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में करीब 590 बांग्लादेशी घुसपैठिये हैं। इनमें से जयपुर में 576, अजमेर में 8 और अलवर के डिटेंशन सेंटर में 6 घुसपैठिये रह रहे हैं। बताया जाता है कि बांग्लादेश में बढ़ती आबादी भारत पर भारी पड़ रही है। बड़ी संख्या में बांग्लादेशी अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में आ रहे हैं। इनमें कई आपराधिक पृष्ठभूमि के होते हैं। अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजना सरकार के सामने चुनौती रहेगी।
आज तक नहीं पकड़े गए बांग्लादेशी बदमाश
करीब नौ वर्ष पहले वैशाली नगर में बांग्लादेशी बदमाशों ने एक परिवार को बंधक बनाकर डकैती डाली। बदमाशों ने पीडि़त परिवार के सदस्यों को चाकू से गोदकर लहूलुहान कर दिया और महिला से घिनौनी करतूत की। बांग्लादेश भागते समय डकैतों की लूटे गए मोबाइल से पहचान की गई। हालांकि वारदात को अंजाम देने वाले डकैत आज तक नहीं पकड़े जा सके।
आतंकी संगठनों से जुड़ रहे
भारत में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी आपराधिक वारदात को अंजाम देते रहे हैं। वर्ष 2022 में भोपाल पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया था, जिसमें 6 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। ये सभी बांग्लादेश निवासी थे। इसी प्रकार असम में बांग्लादेश निवासी दो आतंकी पकड़े गए, जिनका संबंध अल-कायदा से जुड़ा था।
जोधपुर में सात माह से रह रहा था
जोधपुर में बांग्लादेश निवासी महमूद आलम को 17 दिसंबर को हॉस्पिटल कर्मचारियों की सजगता से पकड़ा गया। महमूद सात माह पहले अवैध तरीके से भारत आया था। उसने किशोर कुमार के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया था। स्थानीय पुलिस ने पूछताछ के बाद आरोपी को इंटेलिजेंस के सुपुर्द कर दिया।
अलवर में पकड़े गए थे 29 बांग्लादेशी
पिछले वर्ष अलवर में बांग्लादेश के 29 निवासियों को पकड़ा गया था। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि सबसे पहले एक परिवार यहां आकर रहने लगा था। उसी परिवार ने बांग्लादेश से अन्य लोगों को बुला लिया। इन लोगों का अवैध तरीके से बांग्लादेश आना जाना रहता था। पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर कई बांग्लादेशी भाग गए।
भरतपुर में पकड़े आठ लोग
भरतपुर में पिछले वर्ष बांग्लादेश के आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी ने फर्जी आधार कार्ड बनवा लिए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि सभी आरोपी बिना वीजा के भारत में अवैध तरीके से आकर रहने लगे थे।
बांग्लादेश वापस लेता नहीं
बांग्लादेशियों की पहचान तो कर ली गई है, लेकिन अवैध तरीके से भारत आने वाले लोगों को बांग्लादेश नहीं लेता है। इनको वहां भेजने में समस्या आती है।
- एस. सेंगाथिर, एडीजी इंटेलिजेंस, राजस्थान