जयपुर

84 की उम्र में कंधे पर कांवड़, कदमों में आस्था, बाबा धाम तक पैदल पहुंचे श्रीगोपाल थिरानी

Aug 12, 2026
Rajasthan

रिसड़ा. मूलरूप से शेखावाटी अंचल के रामगढ़ निवासी प्रवासी राजस्थानी 84 वर्षीय श्रीगोपाल थिरानी की आस्था और संकल्प के आगे उनकी उम्र भी छोटी पड़ गई। उन्होंने सावन मास में देवों के देव महादेव के ज्योतिर्लिंग देवघर स्थित बाबा धाम की पैदल कांवड़ यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर भक्ति और समर्पण की अनूठी मिसाल पेश की। इस कठिन यात्रा को पूरा कर उन्होंने न केवल मंडल परिवार को गौरवान्वित किया, बल्कि पूरे रिसड़ा क्षेत्र को भी प्रेरित किया है। रिसड़ा जागरण मंडल के अध्यक्ष श्रीगोपाल थिरानी लंबे समय से समाज के हर वर्ग के साथ सुख-दुख में सहभागी बनते रहे हैं। सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में लोगों को एकजुट करने के साथ ही वे सनातन संस्कृति से लोगों को जोड़ने के प्रयासों में भी सक्रिय रहते हैं। इस बार बाबा धाम की पैदल यात्रा के दौरान भी उनका उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा साथ चल रहे श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा बनी रही। रिसड़ा जागरण मंडल के सचिव महाबीर पसारी ने कहा कि 84 वर्ष की उम्र में इतनी लंबी और कठिन पैदल यात्रा पूरी करना अपने आप में चुनौती है। लेकिन थिरानी ने सहजता और आत्मविश्वास के साथ यात्रा पूरी की। उनके साथ चल रहे श्रद्धालुओं का मनोबल बढ़ाने में भी उनकी भूमिका रही। महाबीर पसारी ने कहा कि थिरानी ने यह साबित कर दिया है कि मन में विश्वास और भक्ति हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती। उन्होंने कहा कि मंडल के लिए यह गर्व की बात है कि उसके अध्यक्ष ने इतनी कठिन पैदल यात्रा पूरी कर समाज के सामने एक मिसाल कायम की है। मंडल परिवार का कहना है कि उनकी भक्ति, सेवा और समर्पण की भावना से पूरा समाज गौरवान्वित है। उनकी इस यात्रा ने खास तौर पर युवाओं को आस्था, अनुशासन और संकल्प के प्रति प्रेरित किया है। श्रावण की आस्था के बीच श्रीगोपाल थिरानी की यह यात्रा विश्वास, भक्ति और संकल्प की ऐसी कहानी बन गई है, जो लोगों के बीच लंबे समय तक प्रेरणा देती रहेगी।

Updated on:
12 Aug 2026 06:01 am
Published on:
12 Aug 2026 06:01 am