
जया गुप्ता / जयपुर। जिला प्रशासन के कर्मचारियों की अक्सर काम को लेकर टालमटोल करने की खबरें सामने आती हैं, लेकिन सोमवार को कर्मचारियों ने मानवता की मिसाल पेश की। दरअसल, सोमवार सुबह 10 बजे एक दिव्यांग व्हील चेयर पर कलक्ट्रेट पहुंचा। जानकारी करने पर पता चला कि वह व्यक्ति डूंगरपुर से आया है।
डूंगरपुर निवासी हर्षद (72) व उसकी पत्नी की पेंशन पिछले एक साल से नहीं आ रही थी। डूंगरपुर से कलक्ट्रेट के अधिकारियों ने काम जयपुर से होने की बात कहकर जयपुर की बस में बैठा दिया। रविवार रात को वह बस से सिंधी कैम्प उतर गया और सुबह किसी ने उसे कलक्ट्रेट भेज दिया।
हर्षद ने बताया कि वह बहुत गरीब है, पेंशन नहीं आने के कारण खाने के लाले पड़ गए हैं। मजबूरी में भीख मांगनी पड़ रही है। पेंशन के लिए कई बार डूंगरपुर में कलक्ट्रेट के चक्कर काटे मगर हाथ कुछ नहीं आया। काम जयपुर से होगा, यह कहकर जयपुर भेज दिया।
कर्मचारियों ने उसे समझाया कि मामला कलक्ट्रेट का नहीं है, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में जाना पड़ेगा। व्यक्ति दिव्यांग था और रोने भी लगा। उसने बताया कि कल से खाना भी नहीं खाया है।
इस पर जयपुर एसडीएम के पीए नरेंद्र गुप्ता और पेंशन शाखा के कर्मचारियों ने पहले उसे चाय पिलाई। फोन के माध्यम से उसका विभागीय काम करवाया। पेंशन ब्लॉक हो गई थी, उसे खुलवाया। उसके बाद उसे खाना खिलाया और वापस बस स्टैंड तक छोड़ा।