जयपुर

PICS: राजस्थान के नामी दूध ब्रैंड में ऐसे चल रहा था मिलावट का खेल, खुलासा होने पर मचा हड़कंप

https://www.patrika.com/rajasthan-news/
3 min read
Aug 12, 2018
saras milk adulteration

पावटा/ जयपुर।

लाड़ा का बास, पाछूडाला सहित करीब एक गांवों से दूध संकलित कर सरस डेयरी, शाहपुरा पहुंचाने वाला परिवहन ठेकेदार शनिवार को लोगों ने दूध में मिलावट के आरोप में पकड़ लिया। ग्रामीणों ने उसे प्रागपुरा पुलिस को सौंप दिया। आरोपी की लोडिंग जीप में रिफाइंड भरी बोतलें भी मिली, लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।

लाडा का बास सरपंच मदन यादव, उप सरपंच महेश कुमार, गणपत राम आदि ने बताया कि आरोपी दूध परिवहन ठेकेदार के दूध निकालकर मिलावट करने की सूचना मिली थी। लाड़ा का बास-पाछूडाला मार्ग पर लोडिंग जीप को रुकवाकर जांच की गई तो उसमें रिफाइंड भरी बोतलें मिली। बाद में उसे प्रागपुरा पुलिस को सौंप दिया।

milk adulteration " src="https://new-img.patrika.com/upload/2018/08/12/1_2_3244516-m.jpg">

प्रागपुरा थाना प्रभारी डॉ. सुरेश यादव ने बताया कि शाहपुरा सरस डेयरी सहायब प्रबंधक विश्वनाथ शर्मा को बुलाकर उन्हें सौंप दिया। डेयरी प्रबंधन की ओर से सीएमएचओ, जयपुर को सूचना दी। दो स्वास्थ्य निरीक्षक भी पहुंचे, लेकिन तब तक केनों में भरा दूध जम जाने से नमूने नहीं लिए जा सके। बाद में दूध को नष्ट करा दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह 15 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से दूध एकत्रित कर जयपुर पहुंचाता है।

450 रुपए प्रतिदिन की आमदनी
डेयरी की ओर से ठेकेदार को 15 पैसे प्रति लीटर प्रतिदिन के हिसाब से दूध एकत्रित कर शाहपुरा डेयरी पर पहुंचाने का ठेका दिया हुआ है। सहायक प्रबंधक विश्वनाथ शर्मा का कहना है कि ठेकेदार प्रतिदिन ढाई-तीन हजार लीटर दूध एकत्रित कर शाहपुरा पहुंचाता है। यदि प्रतिदिन तीन हजार लीटर दूध संकलन भी मान लिया जाए तो 15 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से 450 रुपए बनते हैं। इसमें गाड़ी का डीजल, मेंटीनेंस और चालक की तनख्वाह। जबकि अमूमन एक चालक ही 10-12 हजार रुपए मासिक तनख्वाह लेता है। आखिर इतनी कम दर पर दूध संकलन का कारण कहीं मिलावट कर जेब भरना तो नहीं। यही सवाल गाड़ी के पकड़े जाने के बाद पावटा-प्रागपुरा में चर्चा का विषय बना हुआ है।

दूध निकाल मिला देता था रिफाइंड
दूध संग्रहणकर्ताओं ने बताया कि आरोपी दूध एकत्रित कर लोडिंग जीप में रखे केनों से दूध निकाल बेच देता और उसमें बराबर मात्रा का पानी एवं रिफाइंड मिला देता था। इससे दूध की फैट बढ़ जाती थी। कुछ दूध संग्रहणकर्ताओं ने उसकी शिकायत की तो उनका संग्रहण का काम छुड़वा दिया।

इनका कहना है...
जांच की जा रही हैं। चालक व सचिवों के बयान विरोधाभास हैं। संबंधित गाड़़ी को निलम्बित किया गया है। सचिवों ने चालक के खिलाफ थाने में शिकायत दी हो तो पता नहीं।
विश्वनाथ शर्मा, सहायक प्रबंधक, सरस डेयरी, शाहपुरा

आरोपी के खिलाफ डेयरी प्रबंधन ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया है। इस कारण कार्रवाई संभव नहीं है।
सुरेश यादव, थानाप्रभारी, पावटा

स्वास्थ्य निरीक्षकों के पहुंचने से पहले ही दूध जम चुका था। इस कारण सेम्पलिंग नहीं हो सकी।
डॉ. नरोत्तम शर्मा, सीएमएचओ, जयपुर

Updated on:
12 Aug 2018 08:41 am
Published on:
12 Aug 2018 08:39 am