
Cyber Crime Advisory (photo IANS)
Cyber Crime Advisory : जयपुर। आज के डिजिटल दौर में वाई-फाई केवल इंटरनेट चलाने का जरिया नहीं, बल्कि आपके घर के स्मार्ट टीवी, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य स्मार्ट उपकरणों को जोड़ने वाली डिजिटल चाबी बन चुका है। हालांकि, कमजोर वाई-फाई सुरक्षा हैकर्स को आपके घर और व्यक्तिगत डेटा तक सीधी पहुंच दे सकती है। इस खतरे को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को सतर्क रहने और अपने वाई-फाई राउटर को सुरक्षित बनाने के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि अनधिकृत डिवाइस न केवल आपके इंटरनेट की स्पीड और डेटा खत्म करते हैं, बल्कि डेटा लीक, साइबर फ्रॉड और हैकिंग जैसी गंभीर घटनाओं का कारण भी बन सकते हैं।
राउटर सेटिंग्स में जाकर कंपनी द्वारा दिया गया पासवर्ड तुरंत बदलें। वाई-फाई का नाम (SSID) ऐसा न रखें जिससे आपकी व्यक्तिगत पहचान या राउटर के ब्रांड का पता चले। नया पासवर्ड मजबूत बनाएं, जिसमें बड़े-छोटे अक्षर, अंक और स्पेशल कैरेक्टर शामिल हों।
पुरानी और असुरक्षित WEP/WPA सुरक्षा छोड़ें। राउटर में हमेशा WPA3 एन्क्रिप्शन चालू रखें। यदि यह विकल्प उपलब्ध न हो, तो कम से कम WPA2-AES मोड सेट करें।
साइबर सुरक्षा मजबूत रखने के लिए राउटर का WPS (Wi-Fi Protected Setup) और रिमोट मैनेजमेंट विकल्प डिसेबल रखें, ताकि बाहर से कोई व्यक्ति इंटरनेट के जरिए आपके राउटर तक न पहुंच सके।
स्मार्ट टीवी और आईओटी उपकरणों को मुख्य वाई-फाई नेटवर्क से अलग रखने के लिए गेस्ट नेटवर्क का उपयोग करें। इससे मोबाइल और लैपटॉप जैसे मुख्य उपकरणों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।
राउटर के फर्मवेयर को नियमित रूप से अपडेट करते रहें, ताकि निर्माता द्वारा जारी किए गए नए सुरक्षा पैच मिलते रहें। इसके साथ ही सुरक्षा बढ़ाने के लिए विश्वसनीय डिवाइसों के मैक एड्रेस को व्हाइटलिस्ट करने की सुविधा का भी उपयोग किया जा सकता है।
राष्ट्रीय साइबर पोर्टल: cybercrime.gov.in
साइबर हेल्पलाइन: 1930 (वित्तीय ठगी होने पर)
राजस्थान पुलिस हेल्पडेस्क: 9256001930 एवं 9257510100
Updated on:
05 Sept 2026 06:07 pm
Published on:
05 Sept 2026 06:07 pm
