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PATRIKA PODCAST : संवेदनाहीन पीढ़ी

संस्कार जीवन-व्यवहार का महत्त्वपूर्ण पहलू है। व्यावहारिक जीवन का आधार है और व्यक्ति की पहचान भी है। यही व्यक्ति के भावी कर्मों के आधार भी होते हैं।
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जयपुर

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Shaily Sharma

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Updated: 5 Sep 2026, 3:36 PM IST

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Gulab Kothari Article : इस परिवेश में पलने वाली नई पीढ़ी में संवेदना है ही नहीं क्योंकि उसके पास वो मन नहीं है जिसका निर्माण मां के अन्न से हो रहा है। नई पीढ़ी की माता आज न भोजन बनाने को तैयार है और ना ही बालको को संस्कार देने को। ऐसे में बालक एक तरह से भावनाहीन अन्न का ग्रहण कर रहा है जो या तो उसे बाजार से मिलता है या घर में ही रसोइये बनाते हैं।