जयपुर

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के हाथों उद्घाटन के 54 दिन बाद कहां बुझ गई 20 करोड़ की स्मार्ट डिटेल लाइट्स, जानिए

— जयपुर के चारदीवारी इलाके के बाजारों को जगमग करने के लिए लगाई जा रही हैं 50 हजार लाइट्स
2 min read
Oct 09, 2018
facade illumination chaura rasta Jaipur
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जयपुर। गुलाबी नगर जयपुर के चारदीवारी इलाके के बाजारों को जगमग करने के लिए 19.56 करोड़ की लागत से फसाड इल्यूमिनेशन वर्क करवाया जा रहा है। इसके तहत चारदीवारी के चौड़ा रास्ता, जौहरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार सहित पुरा धरोहरों को रात के समय जगमग करने के लिए 50 हजार डिटेल लाइट्स लगाई जा रही है। लेकिन 20 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में लोकार्पण के कुछ दिनों बाद ही झोल नजर आने लगा है। यहां लगाई गई महंगी लाइट्स खराब होकर बंद होने लगी है।

15 अगस्त को सीएम ने किया था उद्घाटन
ये हालात तब है जब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 15 अगस्त की रात रिमोट से बटन दबाकर किशनपोल बाजार, त्रिपोलिया बाजार, ईसरलाट गुम्बद, चौड़ा रास्ता, जौहरी बाजार और हवामहल पर फसाड़ इल्यूमिनेशन का उद्घाटन किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुली जीप में बैठकर बाजारों में फसाड इल्यूमिनेशन को देखा था। लेकिन मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पण के 54 दिन बाद ही महंगी डिटेल लाइट्स खराब होने लगी है। चौड़ा रास्ता में एक तरफ लाइट्स जल रही हैं, लेकिन दूसरी तरफ की बंद हो गई हैं। गौरतलब है कि फसाड़ इल्यूमिनिशन प्रोजेक्ट के तहत परकोटा के चयनित इलाके में 50 हजार लाइट्स लवर्जन् गनी है। ये लाइट्स चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार, हवामहल, छोटी चौपड़ और बड़ी चौपड़ के अलावा दरवाजों पर लगाई जा रही है। फसाड इल्यूमिनिशन प्रोजेक्ट कंसल्टेंट फर्म आभा नारायण लाम्बा ने तैयार किया है।

नाइट टूरिज्म का दावा
पुरातत्व और पर्यटन विभाग का दावा है कि फसाड लाइट इल्यूमिनिशन प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद रात के समय चारदीवारी के बाजारों और हवामहल का नजारा ही बदल जाएगा। यहां रंगबिरंगी रोशनी से सबकुछ बेहद खूबसूरत दिखेगा। पर्यटक रात के समय यहां आना पसंद करेंगे। इससे जयपुर में पर्यटन की तस्वीर ही बदल जाएगी। गर्मियों के मौसम में लोग जयपुर कम आते हैं। नाइट टूरिज्म होने से रात के नजारे को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचेंगे।

ये है फसाड इल्यूमिनेशन प्रोजेक्ट
केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय ने टूरिज्म सर्किट योजना के तहत 31 करोड़ रूपए स्वीकृत किए। इसके बाद जुलाई 2017 में पुरातत्व विभाग ने 27 करोड़ रूपए के टेंडर जारी किए। लेकिन ओपन टेंडरिंग में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों के बीच कड़े मुकाबले के कारण टेंडर कॉस्ट 19.56 करोड़ पर आ गई। फसाड वर्क के लिए विदेशी कंपनी वेगा और इज्यूनिक ने अपना प्रजेटेंशन दिया। जबकि भारतीय कंपनी बजाज, फिलिप्स और ओसराम ने भी प्रजेटेंशन दिया। टेंडर प्रक्रिया में भारतीय कंपनी ओसराम की लाइट्स को ठेका दिया गया।

यहां हुआ है फसाड इल्यूमिनेशन
चौड़ा रास्ता
त्रिपोलिया बाजार
जौहरी बाजार
हवामहल
छोटी चौपड़
बड़ी चौपड़

ये दरवाजे भी होंगे जगमग
अजमेरी गेट
सांगानेरी गेट
न्यू गेट
जोरावर सिंह गेट
चांदपोल गेट

Published on:
09 Oct 2018 08:18 am