
जयपुर। राजस्थान के अलवर जिले में एक बार फिर से कथित गौ तस्करी के आरोप मे एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के गाै तस्करी की आशंका में एक युवक अकबर उर्फ रकबर की पीट पीटकर हत्या कर दी गई।
मृतक का साथी अभी फरार है। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मामले की निंदा की है। उन्हाेंने कहा कि अलवर जिले में गाय के बछड़ों को ले जाने वाले शख्स की कथित रूप से हत्या निंदनीय है। राजे ने कहा कि उन्हाेंने गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया काे जल्द मामले की छानबीन कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के निर्देश दिए हैं।
मामले में एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया देकर मोदी सरकार पर प्रहार किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ' गाय को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने का नैतिक अधिकार है और एक मुस्लिम को मारा जा सकता है क्योंकि उनके 'जीने' का नैतिक अधिकार नहीं है। मोदी शासन के 4 साल- लिंच राज।'
दो गायों को लेकर जा रहे थे
पुलिस ने बताया कि लालवंडी गांव से होते हुए दाे लोग गुजर रहे थे। उनके साथ दो गायें भी थी। तभी कुछ लोग आए और दोनों को पीटा। जिस युवक की मौत हुई है वह हरियाणा के कोलगांव का रहने वाला है। उसकी पहचान अकबर उर्फ रकबर के रुप में हुई है।
यह पहला मामला नहीं है इससे पहले भी अलवर में इस तरह का मामला सामने आया था। पिछले साल अप्रेल से अब तक ऐसी तीन घटनाएं हुई है जिसमें गौ तस्करी के आरोप में लोगों की पीट—पीट कर हत्या कर दी गई है। एक गौ तस्कर की पुलिस फायरिंग में मौत भी होना सामने आया है।
पूरे देश में गूंजा था पहलू खां मामला
हरियाणा में रहने वाले पहलू खां की पिछले साल अप्रेल में हत्या कर दी गई थी। कथित गौरक्षक दल ने गौ तस्करी के आरोप में बहरोड़ थाना इलाके में पांच लोगों को बुरी तरह से पीटा था। उनमें से पहलू खां नाम के एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। पहलू खां की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। मामला दिल्ली तक जा पहुंचा और हरियाणा एवं राजस्थान में मेव पंचायतें सक्रिय हो गई।
मामले की जांच सीआइडी सीबी तक पहुंची। बारह लोगों पर आरोप लगे थे, लेकिन उनमें जो छह लोग गिरफ्तार किए गए थे, उन सभी को सीआइडी सीबी ने क्लीन चिट दे दी थी। पिछले साल नवम्बर में ही अलवर से भरतपुर जा रहे दो मुस्लिम युवकों को लोगों ने बुरी तरह से पीटा था। वे गायों को हांकते हुए भरतपुर की ओर ले जा रहे थे। दोनों को गौ रक्षक दल के सदस्यों ओर गांव के लोगों ने घेरा और बुरी तरह से पीटा।
बाद में जब तक मामला पुलिस तक पहुंचा उनमें से एक उमर खां नाम के व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। वह भी हरियाणा का रहने वाला था। पिछले साल दिसंबर में पुलिस की गोली से भी एक गौ तस्कर की मौत हुई थी। आरोप है कि नाकाबंदी तोड़कर कुछ गौ तस्कर गायों से भरे ट्रक को लेकर फरार हो रहे थे। पुलिस ने पीछा किया तो पुलिस पर उन्होंने फायर किए। जवाब में पुलिस ने भी फायर किए तो ताहिर नाम के गौ तस्कर को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। वह भी हरियाणा निवासी था।