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राजस्थान ANTF का ‘ऑपरेशन जमुहार’; मणिपुर से आ रही 4.50 करोड़ रुपए की अफीम जब्त, ट्रक के नीचे बना था गुप्त तहखाना

Rajasthan ANTF Action : राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर से राजस्थान लाई जा रही करीब 90 किलोग्राम अवैध अफीम के दूध की भारी-भरकम खेप जब्त करने में सफलता हासिल की है।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। फोटो पत्रिका नेटवर्क

जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के सौदागरों पर वज्र प्रहार किया है। महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार कार्रवाई करते हुए एएनटीएफ ने उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर से राजस्थान लाई जा रही करीब 90 किलोग्राम अवैध अफीम के दूध की भारी-भरकम खेप जब्त करने में सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 4.50 करोड़ रुपए आंकी गई है। आईजी विकास कुमार ने बताया कि एनएनटीएफ ने रंगे हाथ अफीम तस्करी का खुलासा करने के लिए ‘ऑपरेशन जमुहार’ चलाया। इसके तहहत मणिपुर से राजस्थान लाई जा रही खेप को हरियाणा के सिरसा क्षेत्र में रोककर पकड़ा गया।

साए की तरह पीछे लगी रही एएनटीएफ

विकास कुमार ने बताया कि उत्तर-पूर्वी राज्यों से उत्तर भारत और राजस्थान में आ रही नशे की बड़ी खेपों को रोकने के लिए 'मणिपुर मॉड्यूल' पर तकनीकी अन्वेषण शुरू किया गया था। एएनटीएफ की विशेष खुफिया टीमों को तीन बार मणिपुर भेजा गया, जहां टीमों ने 10-10 दिन कैंप कर पूरे इलाके की रेकी की। इस दौरान पाली निवासी शातिर तस्कर सुखराम पुलिस के रडार पर आया। वह लगातार मणिपुर और राजस्थान के बीच आवाजाही कर रहा था तथा मोबाइल फोन, वाहन और ठिकाने बदलकर एजेंसियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। इससे पहले सुखराम लखनऊ पहुंचकर अपनी महिला मित्र को वहां बुलाकर उसके साथ नैनीताल और कैंची धाम चला गया। बाद में महिला मित्र को बस से जयपुर भेज दिया और खुद कार से आ रहा था।

कार खंगाली तो कुछ नहीं मिला, तकनीकी विंग ने खोला राज

जयपुर के नजदीक नाकाबंदी कर एएनटीएफ ने सुखराम को दबोच लिया, लेकिन पूरी कार खंगालने पर भी कुछ नहीं मिला। दरअसल, सुखराम ने टोल नाके पर पुलिस को देखकर अपने सारे मोबाइल फोन रिसेट कर दिए थे। एएनटीएफ की तकनीकी विंग ने जब रिसेट उपकरणों से डेटा रिकवर किया, तो उसमें एक संदिग्ध ट्रक के फास्टैग कार्ड की डिटेल मिली। जांच में पता चला कि इस ट्रक का फास्टैग भुगतान सुखराम खुद कर रहा था और वह ट्रक मणिपुर से असम, बंगाल, बिहार और यूपी होते हुए हरियाणा की सीमा में दाखिल हो चुका था।

कोड वर्ड में बदला प्लान: 'श्रीनगर' के बजाय 'जम्मू' में रुकने का इशारा

इसी बीच जम्मू में बैठे गिरोह के मुख्य हैंडलर ने सुखराम के पकड़े जाने के डर से ट्रक ड्राइवर को कोड वर्ड में निर्देश दिया- "रात तक श्रीनगर (जोधपुर) पहुंचना था पर अब जम्मू ही रुकना पड़ेगा, आगे नहीं जाएंगे।" इसका मतलब था कि पुलिस के डर से अब माल राजस्थान नहीं बल्कि रास्ते में ही ठिकाने लगाया जाएगा। इसके बाद ट्रक अचानक राजस्थान सीमा से ठीक पहले हरियाणा के सिरसा इलाके में रुक गया।

चेसिस काट निकाला 'कमरा'

इसके बाद आईजी विकास कुमार ने हरियाणा के सिरसा एसपी दीपक सारण से बात कर संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। संयुक्त टीम ने जब संदिग्ध ट्रक को घेरा, तो वह ऊपर से पूरी तरह खाली मिला। लेकिन जब एएनटीएफ टीम ने ट्रक के निचले हिस्से (चेसिस) की बारीकी से जांच की, तो दंग रह गए। तस्करों ने ट्रक के नीचे लोहे की पत्तियों से वेल्डिंग कर एक गुप्त तहखाना (कमरा) बना रखा था। जब कटर से उस तहखाने को तोड़ा गया, तो उसके अंदर से 95 पोटलियों में पैक अफीम बरामद हुई। मौके से आरोपी पाली जिले के ट्रक ड्राइवर किशनाराम को गिरफ्तार किया गया।