
Mona Agarwal Success Story : जयपुर शहर की पैरा-निशानेबाज मोना अग्रवाल। फोटो पत्रिका
Mona Agarwal Success Story : जयपुर शहर की पैरा-निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एक बार फिर देश और अपने शहर का नाम रोशन किया है। सर्बिया के नोवी साद शहर में आयोजित हो रहे वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट (डब्ल्यूएसपीएस) वर्ल्ड कप में मोना ने महिलाओं की आर2 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच। स्पर्धा में 228.2 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। यह वर्ष 2026 का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट है, जिसमें मोना ने पदक जीतकर सत्र की शानदार शुरुआत की है। गौरतलब है कि यह वही स्पर्धा है जिसमें मोना पिछले साल पेरिस पैरालंपिक में भी पदक जीत चुकी हैं।
मोना अग्रवाल का जन्म 8 नवंबर 1987 को राजस्थान के सीकर जिले में हुआ था। महज 9 महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया, जिसका असर उनके दोनों पैरों पर पड़ा। विवाह के बाद वे जयपुर आ बसीं। दिसंबर 2021 में मोना ने निशानेबाजी की शुरुआत की और जुलाई 2023 में क्रोएशिया के ओसिजेक में हुए वर्ल्ड कप से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। महज दो-तीन वर्षों में ही उन्होंने खुद को देश की अग्रणी पैरा-निशानेबाजों में शामिल कर लिया। दो बच्चों की मां मोना का यह सफर धैर्य और दृढ़ संकल्प की मिसाल है, जो आज शहर के कई युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
मोना की उपलब्धियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की थी। जनवरी 2025 में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोना को यह पुरस्कार प्रदान किया। इस मौके पर राजस्थान सरकार और खेल जगत से जुड़े कई गणमान्य लोगों ने भी मोना को बधाई दी थी।
मोना का यह सफर लगातार सफलता की कहानी रहा है। पेरिस पैरालंपिक 2024 में डेब्यू करते हुए मोना ने महिलाओं की आर2 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच। स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था, जो भारत के लिए उस आयोजन का पहला पदक था। इससे पहले मार्च 2024 में नई दिल्ली में हुए वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने पैरालंपिक कोटा हासिल किया था, वहीं अप्रैल 2024 में दक्षिण कोरिया के चांगवोन में भी उन्होंने इसी स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
मई 2025 में चांगवोन में हुए वर्ल्ड कप में मोना ने महिलाओं की पी2 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच। स्पर्धा में रजत पदक भी जीता, जो उनकी बहुमुखी खेल प्रतिभा को दर्शाता है। यह उनका दूसरा वर्ल्ड कप है, जिसमें वे पदक जीतने में सफल रहीं।
Updated on:
26 Jul 2026 07:13 pm
Published on:
26 Jul 2026 07:13 pm
