जयपुर

फिर खतरे में आने वाली थी राजस्थान की एक और बड़ी परीक्षा,SOG-ATS ने किया नकल गिरोह का पर्दाफाश, 3 लाख में हुआ था सौदा

फिर खतरे में आने वाली थी राजस्थान की एक और बड़ी परीक्षा, SOG-ATS टीम ने नकल कराने वाला गिरोह पकड़ा, 3 लाख में हुआ था सौदा
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Jan 10, 2019
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जयपुर।

राजस्थान में एसओजी और एटीएस की टीम के नक़ल कराने वाले गिरोह पर बड़ी कार्रवाई की खबर है। एसओजी और एटीएस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए नकल करवाने वाले गिरोह के सात बदमाशों को दबोचा है। सभी बदमाश रेलवे आरपीएफ की एसआई परीक्षा में एवजी बनकर नकल कराने की फिराक में थे। पूछताछ में सामने आया कि परीक्षा में नकल के जरिए पास कराने के बदले तीन लाख रुपए लेते हैं।

परीक्षा से पहले आरोपियों ने 50 हजार रुपए एडवांस लिए हैं। एसओजी के डीआईजी नितिनदीप ब्लग्गन ने बताया कि एटीएस के एएसपी बजरंग सिंह, इंस्पेक्टर कामरान, शिवराज और मनोज गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा। सूचना मिली थी कि महिन्द्रा सेज स्थित डॉक्टर राधाकिशन पॉलीटेक्निक कॉलेज में आरपीएफ सब इंस्पेक्टर की होने वाली परीक्षा में असल परीक्षार्थी की जगह नकल गिरोह के सदस्य परीक्षा देंगे। इन्होंने मिलकर बनाया गिरोह इस पर टीम ने मुख्य परीक्षार्थी सुरेश चौधरी और उसकी जगह परीक्षा देते दिनेश कुमार विश्नोई निवासी जालोर के चीतनलवाना में इसरोल को पकड़ा।

आरोपियों से पूछताछ में फुलेरा के बोबास में निवासी सुरेश चौधरी ने रिश्तेदार वाटिका निवासी विष्णु कुमार चौधरी के जरिए कॉलेज के पूर्व वाहन चालक मुकेश कुमार चौधरी, पर्यवेक्षक जालोर निवासी कैलाश विश्नोई, झुंझुनूं के खेतड़ी निवासी प्रदीप कुमार ने मिलकर साजिश रची थी।

पर्यवेक्षक भी थे खेल में शामिल

साजिश के तहत पर्यवेक्षक ने दिनेश को परीक्षार्थी की जगह अंदर प्रवेश दिया। दूसरा पर्यवेक्षक भी इस मिलीभगत में शमिल हो गया। नकल कराने के बदले तीन लाख रुपए में सौदा किया गया। इसमें 50 हजार रुपए परीक्षार्थी सुरेश ने एडवांस भी दे दिए। यह रुपए अजयराजपुरा निवासी राकेश चौधरी के जरिए दिए गए। एटीएस ने एसओजी में धोखाधड़ी, परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग, अनुचित तरीके से लाभ पाने का प्रयास जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब इस मामले की जांच एसओजी करेगी।

Published on:
10 Jan 2019 11:41 pm