
जयपुर।
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सोमवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरएसएस और राम मंदिर निर्माण चंदे को लेकर दिए बयानों पर पलटवार किया। राठौड़ ने कहा कि बचकाने बयान देना प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष की आदत में शुमार हो गया है। बिना प्रमाण के बिना आधार पर राम मंदिर के निर्माण में जिन लोगों ने सहयोग किया उन पर प्रश्न चिन्ह लगाने का उनको कोई अधिकार नहीं है।
राठौड़ ने भाजपा मुख्यालय पर कहा कि कांग्रेस की असली तकलीफ दूसरी है। लम्बे अर्से तक राम मंदिर के निर्माण में कांग्रेस बाधा बनी है। आज जब अयोध्या देश की आस्था का केंद्र और धर्म&सांस्कृतिक राजधानी बनने जा रहा है, इसलिए उनके पेट में मरोड़े आ रहे हैं। उनके बयान हास्यास्पद है, इस प्रकार के बयान देकर वह मात्र अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि कोरोना के कारण उपजे आर्थिक संकट से आमजन को उबारने के लिए मुख्यमंत्री के पास कोई रोडमैप हो तो वह जारी करना चाहिए ताकि आमजन को इससे राहत मिल सके। गहलोत सरकार ने जन घोषणा पत्र में जो वादे किये थे उसमें वह चार कदम भी नहीं चले।
भागवत के बयान पर संघ बरसों से काम कर रहा है
मोहन भागवत के बयान पर राठौड़ ने कहा कि जो बयान भागवत ने दिया है। उस पर संघ वर्षों से काम कर रहा है।निश्चित तौर पर देश के अंदर भारतीयता पहले हैं। सांप्रदायिकता के आधार पर विभाजन के बाद देश में जो हालात बने। आज नहीं कह सकते कि देश में मुसलमानों को बराबरी का हक नहीं है।