जयपुर

आयुर्वेद भारत की अमूल्य वैज्ञानिक विरासत, करुणा और सेवा का सर्वोच्च माध्यम : राज्यपाल थावरचंद गेहलोत

Jul 25, 2026
Rajasthan

गदग. भगवान महावीर जैन आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के दीक्षांत समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने नवस्नातक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करते हुए कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि करुणा, सेवा और समग्र जीवन-दर्शन का अद्वितीय विज्ञान है। उन्होंने विद्यार्थियों से मानव सेवा को अपने जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य बनाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि कर्नाटक ज्ञान, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। राज्य ने योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में देश को महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में चिकित्सक को ईश्वर के समान सम्मान दिया जाता है, इसलिए आज उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अपने ज्ञान और सेवा भाव से समाज के विश्वास को और मजबूत करें। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद प्राचीन होते हुए भी पूर्णत: वैज्ञानिक चिकित्सा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य शरीर, मन, इंद्रियों और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर स्वस्थ जीवन प्रदान करना है। ऋषि-मुनियों की दूरदर्शी चिंतन परंपरा से विकसित यह ज्ञान आज वैश्विक स्तर पर अपनी उपयोगिता सिद्ध कर रहा है। योग और आयुर्वेद ने विश्व में भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं।
Bआयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का आह्वानB

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक अनुसंधान, क्लिनिकल रिसर्च, औषधीय संरक्षण और आधुनिक तकनीक के समन्वय के माध्यम से आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आयुष मंत्रालय को सशक्त बनाकर आयुर्वेद शिक्षा में आधुनिकता और शोध को प्रोत्साहित कर रही है। यदि आयुर्वेद चिकित्सक भगवान महावीर के करुणा, नैतिकता और सेवा के संदेश को जीवन में उतारेंगे, तो इससे न केवल उनका व्यक्तिगत विकास होगा, बल्कि राष्ट्र के स्वास्थ्य और प्रगति को भी नई दिशा मिलेगी।
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Bकई गणमान्य लोग थे उपस्थित B

समारोह में कॉलेज के अध्यक्ष अशोक डी. बागमार, सचिव अजित कुमार बागमार, निदेशक ताराबाई बागमार, निदेशक संदीप बागमार, वर्धमान बागमार, प्राचार्य डॉ. एन.एच. कुलकर्णी, जिलाधिकारी सी.एन. श्रीधर, पुलिस अधीक्षक रोहन जगदीश तथा आरडीपीआर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेश सी. नाडगौडर सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
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Updated on:
25 Jul 2026 06:02 am
Published on:
25 Jul 2026 06:02 am