जयपुर

Jaipur: मस्जिदों के तेज लाउडस्पीकर पर बालमुकुंद आचार्य का बड़ा बयान, बोले- आवाज धीमी करो… वरना लोग शहर छोड़ देंगे

जयपुर की हवामहल विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने मस्जिदों से बजने वाले तेज लाउडस्पीकर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तेज आवाज को लेकर लगातार उनके पास शिकायतें आ रही हैं।
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Jan 30, 2026
Balmukund Acharya
बालमुकुंद आचार्य (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने एक बार फिर मस्जिदों और मदरसों में लगे लाउडस्पीकरों की तेज आवाज का मुद्दा उठाते हुए इसे आमजन के लिए गंभीर समस्या बताया है। हवामहल विधानसभा क्षेत्र से विधायक आचार्य बालमुकुंद ने कहा कि यदि समय रहते लाउडस्पीकर की आवाज को तय सीमा में नियंत्रित नहीं किया गया, तो लोगों को मजबूरी में शहर छोड़ने पर विवश होना पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बात किसी धर्म या मजहब के विरोध में नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों की परेशानी से जुड़ा सवाल है।

गुरुवार को विधानसभा क्षेत्र में इस मुद्दे को उठाने के बाद शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी मांग को दोहराया। बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि उनकी विधानसभा में कई मस्जिद और मदरसे हैं और उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल में बड़ी संख्या में मस्जिदें बनीं और सभी को अपने-अपने धर्म के अनुसार पूजा-पाठ करने का अधिकार है। लेकिन समस्या यह है कि लाउडस्पीकर की आवाज दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। कई जगहों पर हर मंजिल पर आठ से दस लाउडस्पीकर लगाए जा रहे हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।

बीमारी से जूझ रहे लोगों को बड़ी दिक्कत

विधायक ने कहा कि क्षेत्र के बच्चे लगातार शिकायत कर रहे हैं कि तेज आवाज के कारण पढ़ाई में दिक्कत आती है। माइग्रेन और अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह स्थिति गंभीर बनती जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सत्संग, भजन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों को रात 10 बजे के बाद बंद कराने के निर्देश दिए जाते हैं और हिंदू समाज इसका पालन करता है, तो यही नियम सभी पर समान रूप से क्यों लागू नहीं होते।

रोजाना तेज आवाज से परेशानी

बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में रोजाना इतनी तेज आवाज में लाउडस्पीकर लगाने की परंपरा नहीं है। किसी विशेष पर्व या उत्सव के दौरान सीमित समय के लिए ऐसा हो सकता है, लेकिन हर दिन ऐसा माहौल बनाना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नियमों के तहत लाउडस्पीकर की आवाज तय की जाए, ताकि सभी धर्मों का सम्मान बना रहे और आम लोगों को राहत मिल सके।

Updated on:
30 Jan 2026 04:50 pm
Published on:
30 Jan 2026 04:49 pm
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