
जयपुर। राजस्थान के पाली शहर में हुए ट्रेन हादसे के बाद रेलवे के बड़े अफसर भी मौके पर पहुंचे और जाचं पड़ताल शुरु कर दी। तड़के करीब साढ़े तीन बजे हुए इस हादसे के बाद रेलवे के अधिकारियों के अलावा पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही चिकित्सा विभाग के डॉक्टर और स्टाफ भी मौके पर पहुंचे। जोधपुर से आई राहत ट्रेन भी कुछ देर में ही पाली आ पहुंची।
हादसे के कारण कई ट्रेनों के रुट को बदला गया और कुछ ट्रेनों का समय बदला गया। प्रत्यक्षर्शियों ने इस हादसे की भवायहता के बारे मंे जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि आज तड़के करीब साढ़े तीन बजे बांद्रा जोधपुर एक्सप्रेस 12480 डिरेल हो गई। हादसा उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में राजकियावास - बोमादरा रेलखंड में हुआ। बताया जा रहा है कि करीब 11 डिब्बे पटरी से उतर गए।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि तड़के लगभग सभी सवारियां गहरी नींद में थीं। अचानक तेज धमाके सी आवाज आई। मैं नीचे आ गिरा। आंखे खुली तो देखा लोग इधर उधर भाग रहे हैं। परेशान हो रहे हैं... बच्चे रो रहे हैं। महिलाएं उनको चुप करा रहीं हैं। किसी के सिर में चोट है तो किसी के हाथ पैरों से खून बह रहा है, लोग अंधेरे मंे अपना सामान तलाश रहे हैं। मोबाइल फोन के टॉर्च की रोशनी में अपनों की तलाश की जा रही है। बदहवास हालात में लोग अपनों का नाम ले लेकर चीख रहे हैं। मुझे लगा कि अब बचना मुश्किल है।
लेकिन कुछ देर में पता चला कि ट्रेन बेपटरी हुई है। कई डिब्बे उल्टे पडे हैं। हम कुछ समझ पाते इससे पहले ही पुलिस के आने की सूचना मिली। फिर रेलवे के अफसर भी आए। लोको पायलेट और ट्रेन स्टाफ से पता चला कि ट्रेन बेपटरी हो गई है और दस से ज्यादा डिब्बे उल्टे हो गए। इस हादसे में कई लोग गंभीर घायल हुए हैं। पुलिस , रेलवे के अफसरों और प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य शुरु किया। सर्दी में लोग परेशान होते नजर आए लेकिन फिर उनको मदद मिलने लगी। यात्री ने बताया कि ट्रेन के डिब्बों की हालत देखकर लग रहा था कि आज नया जन्म मिला है.........।