
जयपुर।
एससी-एसटी एक्ट संशोधिन बिल 2018 के विरोध में सर्व समाज संघर्ष समिति और समता आंदोलन तथा अन्य संगठनों की ओर से गुरुवार को राजस्थान बंद का आह्वान किया गया है। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष बंदोबस्त करने का दावा किया है। इंटरनेंट बंद का निर्णय जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षक व जिला कलक्टर के जिम्मे छोड़ा गया है।
नेताओं की धरपकड़ जारी
राजस्थान बंद में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस ने सुबह-सुबह ही एहतियातन कुछ नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने समता आंदोलन समिति के संयोजक पाराशर नारायण शर्मा को उनके घर से हिरासत में ले लिया गया। जानकारी के अनुसार पुलिस ने शर्मा को पूर्व में ही पाबन्द कर रखा था, जिसके बाद गुरुवार सुबह ही पुलिस उनके वैशाली नगर स्थित आवास पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। शर्मा की तरह ही प्रदेश अन्य कुछ नेताओं और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों को भी हिरासत में लिए जाने के समाचार मिले हैं।
कई संगठनों का मिला समर्थन
बंद को लेकर सामाजिक संगठनों के साथ कई व्यापारिक संगठनों ने भी समर्थन दिया है। इसके अलावा जयपुर सहित प्रमुख शहरों में कई समाज के प्रतिनिधियों ने बंद का समर्थन किया है। पुलिस इसका असर शहरी क्षेत्र तक ही मान रही है। कुछ जिलों में कानून व्यवस्था को देखते हुए आरएसी की कम्पनियां भेजी गई हैं।
हालात बिगड़ने पर ही होगा इंटरनेट बंद
सोशल मीडिया पर बंद के संदेश तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि अभी तक इंटरनेट बंद को लेकर कोई आदेश नहीं दिया गया है। बंद के दौरान स्थिति बिगडऩे पर इंटरनेट बंद किया जा सकता है। इसके लिए जिला स्तर के अधिकारियों को सावचेत किया गया है। बंद के आह्वान को देखते हुए कई शिक्षण संस्थान ने गुरुवार को छुट्टी की घोषणा की है।
-बंद का आह्वान करने वाले संगठन के प्रतिनिधियों से स्थानीय पुलिस अधिकारी सम्पर्क में हैं। सभी ने शान्तिपूर्ण तरीके से बंद की बात कही है। जिला पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। -एन.आर.के. रेड्डी विशेष पुलिस महानिदेशक