
Death Certificate: जयपुर। अब जन्म और मृत्यु के प्रमाण पत्र निर्धारित समयसीमा में जारी नहीं करने पर संबंधित अधिकारी पर जुर्माना लगेगा। इस संबंध में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार ब्लॉक स्तरीय बैठकों और कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को चाकसू पंचायत समिति में आयोजित कार्यशाला में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में पंचायत समिति क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रजिस्ट्रार और उप रजिस्ट्रार उपस्थित रहे। सहायक निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदन के सात दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जारी करना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो रजिस्ट्रार पर ₹250 और संस्था द्वारा सूचना नहीं देने पर ₹1000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
डॉ. कुमावत ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास अधिकारी को रजिस्ट्रार तथा सीएचसी और पीएचसी को उप रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। आमजन को समय पर प्रमाण पत्र मिल सके, इसके लिए यह प्रक्रिया सख्ती से लागू की जा रही है। इसके अतिरिक्त, जन्म-मृत्यु पंजीकरण को राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत सेवा के रूप में शामिल किया गया है, जिसकी मुख्य सचिव द्वारा नियमित समीक्षा की जाती है।
इस अवसर पर जयपुर कलेक्ट्रेट से सहायक सांख्यिकी अधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता ने पंजीकरण से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर प्रकाश डाला। बीएसओ राजकुमार महेन्द्रा, सांख्यिकी निरीक्षक राजेश कुमार मीणा, संगणक अल्पना साहू और वरिष्ठ सहायक जितेन्द्र जाजोरिया भी उपस्थित रहे।
अब आमजन प्रमाण पत्र न मिलने की स्थिति में जिला रजिस्ट्रार या मुख्य रजिस्ट्रार से अपील भी कर सकेंगे। सरकार द्वारा अधिनियम में किए गए इस संशोधन से पारदर्शिता के साथ-साथ सेवा की गति भी बढ़ेगी।