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Chandra Grahan Updates 2026: जयपुर में 20 मिनट का ब्लड मून, गोविंददेवजी मंदिर में भक्तों के लिए खास इंतजाम

Chandra Grahan Updates 2026: आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, और राजस्थान के लिए यह शाम बेहद खास होने वाली है। एक तरफ जहां आसमान में चंद्रमा अपना रूप बदलेगा, वहीं दूसरी तरफ सूतक काल की वजह से मंदिरों की परंपराओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जयपुर […]

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Chandra Grahan Updates 2026: आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, और राजस्थान के लिए यह शाम बेहद खास होने वाली है। एक तरफ जहां आसमान में चंद्रमा अपना रूप बदलेगा, वहीं दूसरी तरफ सूतक काल की वजह से मंदिरों की परंपराओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

जयपुर के आसमान में सिर्फ 20 मिनट का 'शो'

अगर आप जयपुर में रहते हैं, तो अपनी छत पर जाने का समय नोट कर लीजिए। आज शाम 6:22 बजे चंद्रोदय होगा, जबकि ग्रहण 6:47 बजे समाप्त हो जाएगा। यानी गुलाबी नगरी के निवासियों के पास इस खगोलीय नजारे को देखने के लिए महज 20 से 25 मिनट का समय होगा। कई जगहों पर चंद्रमा लाल रंग का यानी ब्लड मून भी दिखाई दे सकता है।

मंदिर के पट बंद, लेकिन यहां होंगे विशेष दर्शन

सूतक काल सुबह 6:55 बजे से ही शुरू हो चुका है, जिस कारण प्रदेश के अधिकांश मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। लेकिन आस्था की नगरी जयपुर के आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में भक्तों के लिए खास इंतजाम हैं:

दोपहर 3:15 से शाम 6:50 बजे तक भक्त विशेष झांकी के दर्शन कर सकेंगे।

हालांकि, सूतक के चलते ग्वाल, संध्या और शयन आरती नहीं की जाएगी।

विज्ञान और परंपरा का मेल: आखिर क्यों होता है ग्रहण?

सरल शब्दों में कहें तो जब सूर्य और चंद्रमा के बीच हमारी पृथ्वी आ जाती है, तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा को ढक लेती है। इसे ही हम चंद्र ग्रहण कहते हैं। खगोल विज्ञान के अनुसार, यह स्थिति केवल पूर्णिमा के दिन ही बनती है।

कुछ खास बातें जो आपको जाननी चाहिए:

सूतक का प्रभाव: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक के दौरान मूर्ति स्पर्श और भोजन वर्जित माना जाता है।

शुद्धिकरण: शाम को ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों की साफ-सफाई और स्नान के बाद ही दोबारा पूजा शुरू होगी।

होली का आगाज: ग्रहण के खत्म होने के साथ ही प्रदेश में रंगों के त्योहार धुलंडी की तैयारियां जोर पकड़ लेंगी, जो कल यानी 4 मार्च को मनाई जाएगी।

एक जरूरी जानकारी : क्या आप जानते हैं कि चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित होता है? सूर्य ग्रहण की तरह इसमें विशेष चश्मों की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा, वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्लड मून तब होता है जब पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली सूरज की रोशनी चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे वह गहरा लाल दिखाई देता है।