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Panchang 4 March: आज का पंचांग 4 मार्च बुधवार: राहुकाल से पहले करें ये काम, मिलेगा लाभ ही लाभ

Aaj ka Panchang 4 March 2026: आज का पंचांग 4 मार्च 2026 बुधवार: विक्रम संवत 2082, प्रतिपदा तिथि 4:49 तक, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र 7:39 तक, राहुकाल 12:00 से 1:30 तक। जानें शुभ चौघड़िया, दिशा शूल, ग्रह परिवर्तन, सिंह व कन्या राशि भविष्य और आज के विशेष व्रत-उत्सव।

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भारत

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Manoj Vashisth

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Pandit Mukesh Bhardwaj

Mar 03, 2026

Aaj ka Panchang 4 March

Aaj ka Panchang 4 March : आज का पंचांग 4 मार्च 2026 बुधवार

Aaj ka Panchang 4 March 2026: 4 मार्च 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। विक्रम संवत 2082 के चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ बसंत ऋतु का शुभ प्रभाव बना हुआ है। आज पूर्वाफाल्गुनी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का संयोग रहेगा, साथ ही धृति और शूल योग का प्रभाव भी रहेगा। आज लाभ और अमृत चौघड़िया सुबह के समय शुभ कार्यों के लिए अनुकूल हैं, जबकि राहुकाल दोपहर 12:00 से 1:30 तक रहेगा। दिशा शूल उत्तर दिशा में है, अतः यात्रा से पहले विशेष सावधानी और गणेश पूजन का उपाय करना शुभ रहेगा। आज सिंह राशि से कन्या राशि में चंद्रमा का गोचर भी विशेष फलदायी माना गया है। आइए विस्तार से जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, ग्रह परिवर्तन और राशियों पर प्रभाव।

आज का पंचाग बुधवार, 4 मार्च, 2026 | Today Panchang 4 March 2026

क्रम संख्याविवरणमान
1विक्रम संवत्2082
2संवत्सर नामसिद्धार्थ
3शक संवत्1947
4हिजरी सन्1447
5मुस्लिम मास14 रमजान
6अयनउत्तरायण
7ऋतुबसंत ऋतु
8मासचैत्र (प्रारम्भ)
9पक्षकृष्ण (प्रारम्भ)

आज का चौघड़िया

आज लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः सूर्योदय से 9.45 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 11.12 से 12.39 तक रहेगा. चर का चौघड़िया 3.32 से 4.59 तक रहेगा तथा लाभ का चौघड़िया 4.59 से सूर्यास्त तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

दिशा शूल - आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

उपाय - यदि उत्तर दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व गणेश जी का ध्यान करें, उन्हें लड्डुओं का प्रसाद चढ़ाकर सबको बांटें और स्वयं भी सेवन करके शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।

राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 12.00 से 1.30 तक

उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो सुपारी, पान या इलायची आदि का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।

तिथि – प्रतिपदा तिथि दिन 4.49 तक होगी तदुपरान्त द्वितीया तिथि होगी ।

नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र प्रातः 7.39 तक होगा तदुपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र होगा ।

योग – धृति योग दिन 8.52 तक रहेगा तदुपरान्त शूल योग रहेगा ।

करण – कौलव करण दिन 4.49 तक रहेगा तदुपरान्त तैतिल करण रहेगा।

विशिष्ट योग

व्रत / दिवस विशेष – बसंतोत्सव प्रारंभ, मेला बादशाह व फूलडोल ब्यावर (राज.) में, होला मेला आनन्दपुर साहिब (पंजाब), ग्रहण वेध,

चन्द्रमा – आज दिन 1.46 तक सिंह राशि में होगा तदुपरान्त कन्या राशि में प्रवेश होगा ।

ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – सूर्य का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश रात्रि 12-54 पर, शुक्र का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश सायं 5-10 पर,

आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज दिन 1.46 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि सिंह होगी तदुपरान्त कन्या राशि होगी ।
आज प्रातः 7.39 तक जन्म लेने वाले बच्चों का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र होगा तदुपरान्त उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर टू, टे, टो, प, पी पर रखे जा सकते हैं।

सिंह राशि के स्वामी सूर्य है। इस राशि के बच्चे निडर, साहसी, दयालु, ऐश्वर्यशाली, शत्रुहन्ता होते हैं. ये अग्नि तत्व की राशि हैं, जिससे इनको गुस्सा जल्दी आ जाता हैं परंतु नर्म भी जल्दी हो जाते हैं। ये पराक्रमी व बुद्धिमान, उधमी, कर्मठ, निड़र, स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं और बड़े काम से घबराते नहीं हैं। इनमें नैसर्गिक नेतृत्त्व क्षमता होती है.

कन्या राशि का स्वामी बुध होता हैं। ये लोग अकाउंटेंट, बैंकिंग, ट्रेडिंग, अध्यापन और ज्योतिष का काम करना पसंद करते हैं और अच्छे लेखक भी होते हैं। इनकी वाणी व वाक् शक्ति में कुशलता होती हैं। ये कोमल स्वभाव के होते हैं। संगीत, कला-साहित्य, प्रियभाषी, अध्यापन, लेखन, क्रय-विक्रय में कुशल होते हैं।